आदिवासी संस्कृति की रक्षा के लिए बिरसा मुंडा ने उठाया था धनुष बाण ; सुभाष यदुवंश
भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जन्म जयंती की पूर्व संध्या पर शु7करवार को "धरती आबा बिरसा मुंडा भगवान विषय पर आयोजित संगोष्ठी" में श्री यदुवंश ने लोगो को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने 25 वर्ष की उम्र में जल-जंगल जमीन और आदिवासी संस्कृति की रक्षा के लिए अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचार के खिलाफ धनुष बाण उठाया था ।
उन्होंने बताया कि उलगुलान आंदोलन के माध्यम से अंग्रेजी हुकूमत को संदेश दिया कि हमारी धरती तो हमारा राज होगा उन्होंने आदिवासी समाज को संगठित किया और जन जागरण की अलख जगाई और ईसाईयत धर्म परिवर्तन के खिलाफ आवाज उठाया ।उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा का संघर्ष आज भी स्वराज स्वदेशी सामाजिक समरसता की प्रेरणा देता है । उन्होंने कहा कि भाजपा के द्वारा चलाए जा रहे जनजाति गौरव अभियान का मुख्य उद्देश्य है कि आदिवासी संस्कृति और परंपरा को जन.जन तक पहुंचना है ।
उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा की गौरव गाथा राष्ट्रभक्ति से भर देती है और अभी तक भगवान बिरसा मुंडा की गौरव गाथा से इतिहास के पन्नों तक ही सीमित रहा लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज पूरा देश भगवान बिरसा मुंडा की शौर्य गाथा जन जन तक पहुंच रही है और शानदार पहल के माध्यम से स्कूली बच्चों के द्वारा बिरसा मुंडा की गौरव गाथा अवगत कराया जा रहा है।
भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जन जाति की शान थे जिसे जनजातीय भाईयों ने धरती आबा कहकर पुकाराऔर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा उनकी जन्म जयंती जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय सिर्फ एक दिन का नहीं बल्कि उस स्वाभिमान का उत्सव है जो सदियों से दबा था।
इस अवसर पर जनजाति महानगर अध्यक्ष राजेश गोंड, प्रदेश मंत्री अनामिका चौधरी , महापौर गणेश केसरवानी एवं क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता , पूर्व महानगर अध्यक्ष राजेंद्र मिश्रा, शशि वार्ष्णेय, पवन गौतम ने अपने विचार व्यक्त किये।
मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि बिरसा मुंडा जी के जीवन पर आधारित पुस्तक विमोचन और लघु नाटिका की गई प्रस्तुति की गई और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

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