सीएचसी-पीएचसी पर रात्रिकालीन सेवाओं की होगी औचक जांच, सीएमओ ने की शुरुआत
सीएमओ डॉ झा ने बताया कि अस्पतालों पर उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता जांच और गैप एनॉलिसिस के लिए जिले में छह टीमें सक्रिय हैं। यह टीमें दिन में अलग-अलग अस्पतालों पर जाकर जांच कर रही हैं। इनके साथ ही विभाग का जोर रात में दी जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी है। इसी कड़ी में सहजनवां सीएचसी का रात में औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एक सी-सेक्शन डिलेवरी की मरीज मिली, जिनसे बातचीत की गई। वह सेवाओं से संतुष्ट थीं। चार प्रसूताएं भी वार्ड में भर्ती थीं। इसके अलावा दो अन्य मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा था। उपस्थित चिकित्सा अधिकारियों और स्टॉफ को निर्देश दिया गया कि मरीजों को दी जाने वाली सेवा में किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। अस्पतालों पर उपलब्ध मेडिको लीगल, इमर्जेंसी, प्रसव व सी-सेक्शन प्रसव आदि की सेवाएं हर स्थिति में निर्बाध गति से चलनी चाहिए।
डॉ झा ने बताया कि आगे भी अलग-अलग टीम के माध्यम से रात्रिकालीन सेवाओं की औचक जांच कराई जाएगी। इस दौरान मरीजों से फीडबैक भी लिया जाएगा। हमारा प्रयास होगा कि लोग सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की निःशुल्क सुविधा का अधिकाधिक लाभ उठाएं। गर्भवती को अस्पताल लाने के लिए 102 नंबर की निःशुल्क एम्बुलेंस सुविधा, जबकि आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल लाने के लिए 108 नंबर की निःशुल्क एम्बुलेंस सुविधा चौबीस घंटे उपलब्ध है। यह एम्बुलेंस मरीज को नजदीकी सरकारी अस्पताल तक लाती हैं। वहां से रेफर होने पर संदर्भित सरकारी अस्पताल तक के लिए भी यह सुविधा निःशुल्क दी जाती है।

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