किन्नर अखाड़े मे दरार, बना सनातनी किन्नर अखाड़ा: कौशल्या नन्द गिरी
किन्नर अखाड़े कि प्रयागराज कि महामंडलेश्वर रही किन्नर कौशल्या नन्द गिरी उर्फ टीना माँ ने सोमवार को बताया कि जिस उद्देस्य के लिए किन्नर अखाड़े का गठन किया गया था, अखाड़ा कुछ समय से अपनी राह से भटक गया है जिस कारण नए अखाड़े का गठन करना पड़ा |
उन्होंने बताया कि हमारी विचारधारा उस अखाड़ा से मेल नहीं कहा रही थी, इसलिए उस अखाड़े से मई अपने आप को अलग कर चुकी हू | अब हमने “ सनातनी किन्नर अखाड़ा” नाम से नए अखाड़े का गठन किया है | सोमवार को इसकी पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है | मंगलवार को पट्टाभिषेक होगा |
टीना माँ ने कहा कि अपने नए अखाड़े के जरिए हम सनातन को और मजबूत करेंगे| इसके लिए हमे अपनी जान कि कुर्बानी भी देनी पड़े तो खुशी-खुशी से देंगे | उन्होंने बताया, “आज मै 40 किन्नर बच्चों कि गार्जियन हूँ| उनके आधार कार्ड पर मेरा नाम लिखा है| मै ही उनकी माँ और पिता हू |”
किन्नर अखाड़े कि आचार्य महामंडलेश्वर मक लक्ष्मी नारायण ने बताया कि उन्हे इस बारे मे कोई जानकारी नहीं है |
गौरतलब है कि किन्नर अखाड़े कि स्थापना 2015 मे डॉक्टर लक्ष्मी नारायण ने कि थी | ओव इस अखाड़े के आचार्य महमाँड़ेलेश्वर है | कुल 13 अखाड़े है } किन्नर अखाड़ा 14 अखाड़े कि मांग करता रहा लेकिन इसकी माग मंजूर नहीं हुई| तब किन्नर अखाड़ा श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा मे विलय कर लिया | अखाड़े के महामंत्री हरि गिरी महाराज कि अगुवाई मे संगम पर आयोजित 2019 के अर्धकुंभ मे किन्नर अखाड़ा चर्चा मे आया | वर्ष 2021 मे हरिद्वार के कुम्भ मे भी किन्नर अखाड़ा शामिल हुआ था और 2025 के प्रयागराज महाकुम्भ मे श्री पंचदशनाम जूना अखादे के साथ शाही सवारी निकाली और अमृत स्नानं किया था |

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