माघ मेला सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा: योगी
श्री योगी ने माघमेला कि तैयारियों कि मेला प्राधिकरण मे अधिकारियों के साथ शनिवार को समीक्षा बैठक के बाद मीडिया को ब्रीफ़ करते हुए कहा माघ मेला उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है| इसे भव्यता व सुगमता के साथ संपन्न कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने की हिदायत दी। मुख्यमंत्री जी ने मेले के आयोजन से जुड़े सभी सम्बंधित विभागों को 15 दिसम्बर, 2025 तक सभी तैयारियां सुनिश्चित करने एवं कार्यों को पूर्ण कर लेने के निर्देश दिए है।
उन्होंने कहा कि इस बार 800 हेक्टेयर में बसाया जाएगा। मेला क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है जो अरेल से लेकर हटा पट्टी तक होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि मेले का आयोजन एआई आधारित कैमरे की निगरानी में होगा इसके लिए नगर विकास विभाग की ओर से 400 कैमरे लगाए जाएंगे जो स्वच्छता और सुरक्षा की निगरानी में सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ का प्रचार-प्रसार भव्य स्तर पर हुआ था, जिसके दृष्टिगत इस वर्ष माघ मेला में भी बड़ी संख्या में देश-दुनिया से लोगो का आवागमन होगा, जिसके अनुरूप सभी सम्बंधित विभाग युद्धस्तर पर सभी व्यवस्थायें सुनिश्चित कर लें|
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र में 242 किलोमीटर पेयजल पाइपलाइन, 85 किलोमीटर सीवर लाइन 160 किलोमीटर मार्ग बिजली विभाग, 360 किलोमीटर की एलटी विद्युत लाइन लगाई जाएगी। इसके साथ ही साथ 20-20 बेड के दो अस्पताल बनाए जा रहे हैं। पुलिस लाइन का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। 42 पुलिस चौकी बनाई जा रही है |
उन्होंने कहा कि 03 जनवरी-पौष पूर्णिमा से प्रारम्भ होकर, मकर संक्रांति-15 जनवरी, मौनी अमावस्या-18 जनवरी, बसन्त पंचमी-23 जनवरी, माघी पूर्णिमा-01 फरवरी एवं महाशिवरात्रि-15 फरवरी, 2026 तक कुल 44 दिनों तक होगा। यहां पर कल्पवासियों की बड़ी संख्या रहेगी। उन्होंने कहा कि पूरे मेला अवधि के दौरान लगभग 12 से 15 करोड़ लोगो के स्नान करने का अनुमान है। उन्होंने सिंचाई विभाग को मेले में 10 हजार क्यूसेक जल की उपलब्धता बनाये रखने तथा नमामि गंगे को जल की शुद्धता को सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार असुविधा न हो इसलिए जल निगम के द्वारा मेला क्षेत्र में 242 किलोमीटर की पेयजल पाइप लाइन बिछाए जाने के साथ 85 किलोमीटर की सीवर लाइन भी बिछाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सीवर लाइन का एक बूंद भी पानी बिना ट्रीटमेंट के गंगा एवं यमुना जी में न जाये, यह सुनिश्चित किया जाये। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के त्वरित उपचार हेतु 20-20 बेड के दो हॉस्पिटल मेले में बनाये जा रहे है। इसके साथ ही 5-5 आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सालय के साथ 50 एम्बुलेंस की व्यवस्था की जायेगी। मेले में नगर विकास के द्वारा 25 हजार शौचालय, 8 हजार डस्टबिन, 10 लाख से अधिक लाइनर बैग, 30 सक्सन गाड़िया, 3 हजार सफाई कर्मी, स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था की जायेगी। इस बार मेले को 800 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 7 सेक्टरों में बसाया जायेगा और 42 स्थानों पर अलग-अलग से रूट से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है
उन्होंने कहा कि माघ मेला में लगभग 3800 बसे लगायी जायेगी, जिसमें परिवहन निगम की लगभग 3000 बसें, 75 शटल बसे मेला क्षेत्र के अंदर लगेगी तथा 200 रिजर्व बसे रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी माघ मेले के आयोजन को पूरी भव्यता, दिव्यता के साथ सम्पन्न कराया जायेगा।
इससे पूर्व इसके पूर्व मुख्यमंत्री संगम नोज पहुंचकर माघ मेला-2026 को सकुशल एवं निर्विघ्न रूप से सम्पन्न कराने हेतु वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां त्रिवेणी की पूजा-अर्चना एवं आरती की। तत्पश्चात लेटे हनुमान जी मंदिर पहुंचकर वहां पर पूरे विधि-विधान के साथ श्री हनुमान जी की पूजा की। मुख्यमंत्री विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी के आवास के निकट श्री हनुमान जी के मंदिर में हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उसके बाद न्यायमूर्ति एम0सी0 त्रिपाठी की पुत्री के वैवाहिक मांगलिक कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
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