नया उत्तर प्रदेश अपराध कतई स्वीकार नहीं करता- योगी

गोरखपुर 18 नवंबर (वार्ता) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 2017 के बाद का नया उत्तर प्रदेश अपराध को कतई स्वीकार नहीं करता है और यदि किसी ने यहां अपराध करने की जुर्रत की तो उसे हर हाल में उसकी कीमत भी चुकानी होगी।

श्री योगी ने मंगलवार को बी से ए क्लास में उच्चीकृत क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला ;आरएफएसएल. गोरखपुर के नवीन उच्चीकृत भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित करने के बाद कहा कि वह दौर खत्म हो गया जब पीड़ित तड़पता, भटकता था और अपराधी मौज.मस्ती करते थे और अब प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत साक्ष्य संकलन और फॉरेंसिक साइंस लैब्स ;विधि विज्ञान प्रयोगशाला के जरिए इसके प्रमाणन की ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है कि कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित जांच और आधुनिक फॉरेंसिक साइंस लैब्स के जरिए ऐसी निर्भ्रांत व्यवस्था विकसित हुई है कि अपराधी अब बच नहीं सकते। सटीक, त्वरित और पारदर्शी जांच के कारण पीड़ित को सहज, सुगम और समयबद्ध न्याय उपलब्ध हो रहा है।
आरएफएसएल गोरखपुर के नवीन उच्चीकृत भवन छह मंजिला हाईटेक नवीन भवन के निर्माण पर 72.78 करोड़ रुपये की लागत आई है।
उन्होंने फॉरेंसिक जांच की अत्याधुनिक सौगात के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सिर्फ चार फॉरेंसिक साइंस लैब थे। सरकार बनने के बाद उन्होंने यह तय किया कि हर कमिश्नरी में एक फॉरेंसिक साइंस लैब होनी चाहिए। इससे आठ वर्षों में इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। छह लैब निर्माणाधीन हैं। जल्द ही सभी कमिश्नरी में फॉरेंसिक साइंस लैब होंगे। इन लैब्स में हर प्रकार की फॉरेंसिक जांच होगी जो साक्ष्य को प्रमाणित कर अपराधियों को कठोर दंड दिलाने का आधार बनेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कमिश्नरी स्तर पर फॉरेंसिक साइंस लैब स्थापित करने के साथ सरकार ने हर जिले में फॉरेंसिक साक्ष्य संकलन के लिए दो.दो मोबाइल वैन उपलब्ध कराए हैं। इससे कुछ ही घंटों में पुख्ता साक्ष्य संकलन हो जा रहा है और लैब में उसकी जांच के बाद पीड़ित को सहज और सुगम न्याय मिल जाएगी। अब कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा।

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