अपग्रेडेड चेक प्वाइंट्स के आधार पर स्वास्थ्य केंद्रों की जांच करेंगी छह टीमें

गोरखपुर। पहले की तुलना अपग्रेडेड चेकप्वाइंट्स के आधार पर सभी सीएचसी और पीएचसी की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश झा ने छह टीमे गठित की हैं। यह टीमें इन अस्पतालों का निरीक्षण कर चेक प्वाइंट्स के आधार पर जांच करेंगी। जांच के बाद गैप एनॉलिसिस कर उन्हें दूर करने की कार्रवाई होगी। पिछले दिनों जिलाधिकारी दीपक मीणा ने सहजनवां सीएचसी का दौरा किया था और वहां मिले गैप के साथ ही सभी अस्पतालों के गैप्स दूर करने का सीएमओ को निर्देश दिया था। जिलाधिकारी के दिशा-निर्देशन में इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। इस कड़ी में सभी जांच टीमों के साथ सीएमओ ने बृहस्पतिवार को बैठक की और चेक प्वाइंट्स ब्रीफ किया। एक अन्य समीक्षा बैठक में सीएमओ ने प्रेरणा श्री सभागार में गैर संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम से जुड़े चिकित्सा अधिकारियों और स्टॉफ को आवश्यक निर्देश दिए।
सीएमओ ने बताया कि अस्पतालों की जांच से सम्बन्धित जो पहले की चेकलिस्ट है उसे और भी अपग्रेडेड किया गया है। इन चेकलिस्ट पर सभी अस्पतालों को तैयार रखने का निर्देश दिया गया है। मसलन दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई, कंडम सामानों का निस्तारण और सभी आवश्यक जांचों की सुविधा आदि चेकलिस्ट का हिस्सा हैं। जिला स्तर से एसीएमओ और डिप्टी सीएमओ के साथ एनएचएम कंसल्टेंट्स व सहयोगियों  को मिला कर छह टीमें गठित की गई हैं। यह टीमें अलग-अलग सीएचसी-पीएचसी जाएंगी और वहां की जांच करेंगी। जिलाधिकारी द्वारा सहजनवां सीएचसी पर जो कमियां पाई गई थीं उनका रेव्यू किया जा रहा है। उनके निर्देश के अनुसार एक बार पुनः वहां का दौरा कर देखा जाएगा कि कमियां दूर हुई हैं या नहीं। सभी अस्पतालों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देने का निर्देश दिया गया है।
गैर संचारी रोग कार्यक्रम से सम्बन्धित समीक्षा बैठक में सीएमओ ने कहा कि तीस वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों की मधुमेह, रक्तचाप और कैंसर के लिए स्क्रिनिंग अवश्य की जानी चाहिए। आशा कार्यकर्ता की मदद से इस आयु वर्ग के सभी लोगों का सी-बैक फॉर्म अवश्य भरवाया जाए। फॉर्म के आधार पर रिस्क एसेसमेंट कर जोखिम वाले वर्ग की प्राथमिकता के साथ स्क्रिनिंग की जाए। स्क्रिनिंग के बाद संभावित रोगियों को चिकित्सक के पास जांच व उपचार के लिए भेजा जाए और इसकी रिपोर्टिंग भी होनी चाहिए। सीएमओ ने कहा कि बदलते दौर में गैर संचारी रोग समुदाय के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती है, इसलिए इस कार्यक्रम का संचालन गंभीरता के साथ किया जाए।

इस अवसर पर एसीएमओ आरसीएच डॉ एके चौधरी, डिप्टी सीएमओ डॉ राजेश कुमार, डॉ एसके मिश्रा, चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रतीक श्रीवास्तव, डॉ अमित शाही, डीपीएम पंकज आनंद और सहयोगी आदिल सहित विभिन्न ब्लॉकों और जिला स्तर से गैर संचारी रोगों से जुड़े कर्मी मौजूद रहे।

कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की हुई समीक्षा

जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. ए.के. सिंह ने भी बृहस्पतिवार को ही जिला कुष्ठ रोग कार्यालय पर कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की। उन्होंने सभी को निर्देश दिया कि अपने क्षेत्रों में नए कुष्ठ रोगी को शीघ्र खोज कर तत्काल उपचार में लाएं। साथ ही सभी मरीजों का विवरण निकुष्ठ पोर्टल पर भी अपलोड करे। लेप्रा रिएक्शन वाले मरीज़ को चिह्नित कर उपचार करें तथा रिएक्शन रजिस्टर में अंकित करे। बैठक में जिला कुष्ठ रोग परामर्शदाता डॉ. भोला गुप्ता, स्वास्थ्य शिक्षक श्री एम.डी.सिंह सहित सभी  एनएमएस, एनएमए और पीएमडब्ल्यू उपस्थित रहे।

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