शिकायतों के बाद प्रदेश के 15 से अधिक जिलाधिकरी ने खुद संभाली परीक्षा केंद्र निर्धारण की कमान
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलों के ज़िलाधकारी ने अब खुद जांच की कमान संभाल ली है। जिलाधिकारी प्रशासन की टीम भेज कर परीक्षा केंद्रों की जांच करा रहे हैं ताकि कहीं कोई खेल न हो सके।
बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने बताया कि प्राप्त सभी आपत्तियों को संबंधित जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेज दिया गया है और निस्तारण कराने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद संशोधित सूची 17 दिसंबर को परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद 30 दिसंबर को परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया हैए उन पर निर्णय के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जनपदीय केंद्र निर्धारण समिति की बैठक होगी। बैठक के बाद डीआईओएस विस्तृत कार्यवृत्त तैयार कर ऑनलाइन अनुमोदन के लिए भेजेंगे। इसके आधार पर परीक्षा केंद्रों की अंतिम छात्र संख्या व आवंटन सूची वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।
श्री सिंह ने बताया कि संशोधित सूची जारी होने के बाद 22 दिसंबर तक विद्यालयों , छात्रों , अभिभावकों , प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को दोबारा आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। इन आपत्तियों का परीक्षण परिषदीय केंद्र निर्धारण समिति द्वारा किया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रदेश के 910 राजकीयए 3484 एडेड और 3054 वित्त.विहीन स्कूलों को संभावित केंद्र की सूची में शामिल किया गया है। परिषद ने स्कूलों से ऑनलाइन आपत्तियां मांगीं थीं जिसके तहत 8707 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

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