गोरखपुर से हुई पहली वर्चुअल गवाही, खजनी में शिविर लगा कर बने 277 पिंक कार्ड
सीएमओ डॉ झा ने बताया कि हाथरस में तैनात चिकित्सक डॉ राजीव शर्मा को वहां के माननीय न्यायालय की अनुमति से गोरखपुर के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेल से गवाही का अवसर दिया गया। इससे अनावश्यक के भागदौड़ से बचत हुई है। इस सेल का शुक्रवार को गोरखपुर के जिला जज ने शुभारंभ किया है। यहां के जरिए स्थानीय न्यायालय के साथ-साथ दूसरे जिलों के न्यायालय में भी यथासंभव वर्चुअल गवाही दर्ज कराई जा सकती है।
सीएमओ ने खजनी पीएचसी पर महिलाओं के लिए लगे विशेष शिविर में भी हिस्सा लिया। इसमें तीस वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं की मधुमेह, एनीमिया, ब्रेस्ट कैंसर, उच्च रक्तचाप और सर्वाइकल कैंसर आदि की जांच की गई। डॉ झा ने बताया कि एम्स गोरखपुर की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ शिखा सेठ की देखरेख में वहां की बारह सदस्यीय टीम ने महिलाओं की जांच की। इनमें कुल 23 महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की स्क्रिनिंग और तीस महिलाओं में स्तन कैंसर के लिए स्क्रिनिंग की गई। सभी महिलाओं को पिंक कार्ड भी बना कर दिया गया और उनसे कहा गया कि वर्ष में एक बार जरूर इन बीमारियों के प्रति स्क्रिनिंग करानी है।
डॉ झा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’’ नारे के अनुरूप हमारा प्रयास है कि महिलाओं में गैर संचारी बीमारियों जैसे कैंसर, मधुमेह, रक्तचाप आदि की शीघ्र पहचान कर यथाशीघ्र उपचार उपलब्ध कराया जाए। इसी उद्देश्य से उनके लिए विशेष तौर पर शिविर के आयोजन किए जा रहे हैं। खजनी में आयोजित शिविर में वहां के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रदीप त्रिपाठी सहित उनकी टीम ने भी आवश्यक सहयोग किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सेल से हाथरस जिले में गवाही रिकॉर्ड कराने में जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी केएन बरनवाल ने विशेष सहयोग किया।

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