काशी तमिल संगमम् 4.0 के 10वें दिन महर्षि अगस्त्य वाहन दल ने किया श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन–पूजन

(PIB Lucknow) काशी तमिल संगमम् 4.0 के अंतर्गत महर्षि अगस्त्य वाहन दल ने गुरुवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन–पूजन किया। समूह के आगमन पर मंदिर परिसर में विशेष उत्साह का माहौल देखने को मिला। मंदिर के शास्त्रियों ने पारंपरिक पुष्पवर्षा, डमरू वादन और वेदघोष के साथ तेनकाशी से आए सभी अतिथियों का मंगलमय स्वागत किया।

अतिथियों ने भी जयघोष करते हुए बाबा विश्वनाथ के समक्ष श्रद्धा अर्पित की। दर्शन के पश्चात मंदिर प्रशासन द्वारा दल के सदस्यों को काशी विश्वनाथ धाम के भव्य कॉरिडोर का विस्तृत भ्रमण कराया गया। भ्रमण के दौरान दल के लोगों को धाम के प्राचीन इतिहास, उसके स्थापत्य वैभव, नवनिर्मित सुविधाओं तथा दर्शनार्थियों की निरंतर बढ़ती संख्या के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

भ्रमण पूर्ण होने पर मंदिर द्वारा संचालित अन्नक्षेत्र में महर्षि अगस्त्य वाहन दल के लिए दोपहर के भोजन (प्रसाद) की विशेष व्यवस्था की गई। अन्नक्षेत्र में परोसा गया पारंपरिक प्रसाद सभी अतिथियों के लिए काशी की सेवा–परंपरा अतिथि देवो भव और यहां की आध्यात्मिक संस्कृति का गहरा अनुभव कराने वाला रहा।

महर्षि अगस्त्य वाहन की ऐतिहासिक कार रैली 2 दिसंबर को ‘दक्षिण काशी’ तिरुनेलवेली (तेनकासी) से प्रारंभ हुई थी और लगभग 2,460 किलोमीटर की दूरी तय कर तमिलनाडु से उत्तर भारत तक सांस्कृतिक, भाषाई और आध्यात्मिक एकात्म की अविच्छिन्न धारा को पुनर्जीवित करती आगे बढ़ी। रैली में शामिल 15–20 वाहनों और लगभग 100 प्रतिभागियों का भव्य स्वागत 10 दिसंबर को मोहनसराय काशी द्वार पर किया गया, जहां एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर दल का अभिनंदन किया। इसके बाद नमो घाट पहुंचने पर मंडलायुक्त, वाराणसी मंडल, श्री एस. राजलिंगम (आईएएस) तथा जिलाधिकारी श्री सत्येन्द्र कुमार (आईएएस) ने दल का औपचारिक स्वागत किया।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपा अध्यक्ष को लगता है कि मुसलमान उनकी जेब में हैं: मायावती

हार-जीत से बड़ा है सक्षम बनना

24 जुलाई 2026 को चंद्रमा दिखाई देगा अन्टारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र के योगतारा) के पास