काशी तमिल संगमम् 4.0 के 8वें दिन काशी में गूँजी तमिल की मधुर ध्वनि; एनसीसी कैडेट्स का अनोखा अनुभव
(PIB Lucknow) काशी तमिल संगमम् 4.0 के अवसर पर नमो घाट पर एक विशेष सांस्कृतिक–शैक्षिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राधा किशोरी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (रामनगर) के एनसीसी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक सहभाग किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर और दक्षिण भारत की भाषाओं एवं संस्कृतियों को जोड़ना था।
तमिलनाडु से आए प्रतिनिधियों और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में एनसीसी छात्रों ने तमिल भाषा के कुछ महत्वपूर्ण शब्द एवं वाक्यों का अभ्यास किया। विद्यार्थियों ने गर्व के साथ कहा कि यह अनुभव उनके लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा।

एक छात्रा ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि आज हमने तमिल भाषा को नज़दीक से सीखा और यह जाना कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति को जोड़ने वाली कड़ी भी है। इस कार्यक्रम ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को प्रत्यक्ष रूप से महसूस करने का अवसर दिया। उत्तर भारत की धरती पर दक्षिण भारत की भाषा और संस्कृति को सीखना हमारे लिए गर्व की बात है। हम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्रालय के इस प्रयास के आभारी हैं, क्योंकि काशी तमिल संगमम् के माध्यम से हमें तमिल भाषा सीखने का अवसर मिला।
छात्रों का कहना था कि यह आयोजन ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और अधिक मजबूत करता है। यह अनुभव हमें सिखाता है कि हमारी विविधता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, जो हमें राष्ट्रीय एकता के सूत्र में पिरोती है।
कार्यक्रम स्थल नमो घाट पर छात्रों ने तमिल भाषा सीखने के साथ–साथ तमिल संस्कृति, साहित्य और पारंपरिक मान्यताओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इससे छात्रों में भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता के प्रति नई ऊर्जा और जागरूकता आई।
कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने “वणक्कम काशी” और “हर हर महादेव” के नारे लगाए तथा संकल्प लिया कि वे इस अनुभव को अपने साथियों के बीच साझा करेंगे।
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