भारत की भिन्न-भिन्न संस्कृतियों को एक माला में पिरोने के लिए "काशी तमिल संगमम्" यात्रा

प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) प्रयागराज के महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने भारत की सांस्कृतिक एकता को  मजबूती प्रदान करने, भारत की भिन्न-भिन्न संस्कृतियों को एक माला में पिरोने के लिए "काशी तमिल संगमम्" यात्रा का आयोजन किया है।

        काशी तमिल संगमम् यात्रा के तीसरे जत्थे का स्वागत करते हुए सोमवार को श्री केसरवानी ने कहा की  भारत की संस्कृति "वसुधैव कुटुम्बकम" के मंत्र को आत्मसात करते हुए पूरे विश्व के कल्याण की कामना करती है।

काशी तमिल संगमम यात्रा से उत्तर और दक्षिण की संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत को जानने और समझने काअवसर मिल रहा है। इस दल में लगभग 200 सदस्य थे।

महापौर ने कहा कि तमिल और हिंदी के साहित्यकारों ने भारत की संस्कृति को सेतु के रूप में बांधने का काम किया है। तमिल साहित्यकार भारतीय जी नगराजन , पूज्यसंत तिरूवल्लुवर  जिन्होंने जीवन के मर्म को लिखने का काम किया है, ठीक उसी प्रकार से दोहो में हमारे उत्तर भारत के संत तुलसीदास,  सूरदास  और कालीदास  के ग्रंथों को अवलोकन करने के बाद सबका सार एक जैसा ही है। सबने अपनी.अपनी भाषाओं में भारत के जीवन का सार लिखने का कार्य किया है। यही भारत की शक्ति है।            

       उन्होंने कहा कि हमारी पुरातम संस्कृति में कभी भाषा का विवाद एवं जातीयता का उन्माद नहीं रहा। हमारी संस्कृति में वसुधैव कुटुम्बकम के मंत्र को आत्मसात करते हुए पूरे विश्व के कल्याण की कामना करता है।

      विधान परिषद सदस्य सुरेन्द्र चौधरी ने कहा कि आज  प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सनातन धर्म में समरसता देखने को मिल रही है।  उन्होंने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में पूरे दुनिया में भारत का डंका बज रहा है। श्री चौधरी ने कहा कि भारत कोई भूमि का टुकड़ा नहीं है, यह एक जीता जागता राष्ट्र पुरूष है। यह वंदन की धरती है , अभिनंदन की धरती है , यह तर्पण की भूमि है,  अर्पण की भूमि है , इसकी एक.एक नदी हमारे लिए गंगा है , कण.कण हमारे लिए शंकर है। जीयेंगे तो भारत के लिएए मरेंगे तो भारत के लिए। 

        विधान परिषद सदस्य सुरेन्द्र चौधरी ने कहा कि  प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सनातन धर्म में समरसता देखने को मिल रही है।  उन्होंने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में पूरे दुनिया में भारत का डंका बज रहा है। श्री चौधरी ने कहा कि भारत कोई भूमि का टुकड़ा नहीं है, यह एक जीता जागता राष्ट्र पुरूष है। यह वंदन की धरती है , अभिनंदन की धरती है , यह तर्पण की भूमि है,  अर्पण की भूमि है , इसकी एक.एक नदी हमारे लिए गंगा है , कण.कण हमारे लिए शंकर है। जीयेंगे तो भारत के लिए मरेंगे तो भारत के लिए। 

        इस अवसर पर क्षेत्रीय अभिलेखागार एवं राजकीय पांडुलिपि पुस्तकालय द्वारा अभिलेख एवं पांडुलिपियों की प्रदर्शनी भी लगायी गयी जिसमें कागज तथा ताड़पत्र के पौराणिक ग्रंथो के प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपा अध्यक्ष को लगता है कि मुसलमान उनकी जेब में हैं: मायावती

हार-जीत से बड़ा है सक्षम बनना

24 जुलाई 2026 को चंद्रमा दिखाई देगा अन्टारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र के योगतारा) के पास