माघ मेले मे पहली बार जारी हुआ लोगों
यह लोगों सूर्य एवं चंद्रमा कि 14 कलाओ कि उपस्थिति ज्योतिषीय गाड़ना के अनुसार सूर्य, चंद्रमा अवम नक्षत्रों कि स्थितियों को प्रतिबिंबित करता है | लोगों पर श्लोक “ मगहे निमज्जनन यत्र पापं परिहरेत “ ( माघ के महीने मे स्नान करने से सभी पाप मुक्ति हो जाती है | यह लोगों मेल प्राधिकरण द्वारा आबद्ध किए गए डिजाइन अजय सेक्सान द्वारा किया गया है |
ज्योतिष गाड़ना के अनुसार माघ मास मे संगम कि रेती पर अनुस्थान करने कि महत्ता को समग्र रूप से दरसाय गया है | ज्योतिष गड़ना के अनुसार चंद्रमा 27 नक्षत्रों कि परिक्रमा लगभग 27.3 दिनों मे पूर्ण करता है | माघ मेल इन्ही नक्षत्रीय गतियों के अत्यंत सूक्ष्म गणित पर आधारित है |
चंद्रमा की 14 कलाओं का संबंध मानव जीवन, मनोवैज्ञानिक ऊर्जा और आध्यात्मिक साधना से माना गया है। माघ मेला चंद्र.ऊर्जा की इन कलाओं के सक्रिय होने का विशेष काल भी है। अमावस्या से पूर्णिमा की ओर चंद्रमा की वृद्धि (शुक्ल पक्ष) साधना की उन्नति के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। माघ महीने की ऊर्जा (शक्ति) अनुशासन, भक्ति और गहन आध्यात्मिक कार्यों से जुड़ी होती है क्योंकि यह महीना पवित्र नदियों में स्नान, दान, तपस्या और कल्पवास जैसे कार्यों के लिए विशेष माना जाता है।
प्रयागराज का अविनाशी अक्षयवट, जिसकी जड़ों में भगवान ब्रह्मा का तने में भगवान विष्णु का एवं शाखाओं और जटाओं में भगवान शिव का वास है। उसके दर्शन मात्र से मोक्ष मार्ग सरल हो जाता हैं। इसी कारण कल्पवासियों में उसका स्थान अद्वितीय है। सनातन धर्म के अनुसार मनुष्य जीवन का परम लक्ष्य मोक्ष की प्राप्ति हैं |

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