काशी तमिल संगमम् यात्रा उत्तर एवं दक्षिण भारत की सांस्कृतिक एकता का संगम. केसरवानी

प्रयागराज, (दिनेश तिवारी )काशी तमिल संगमम् यात्रा उत्तर एवं दक्षिण भारत की सांस्कृतिक एकता का संगम ही नही  बल्कि जाति, भाषा , क्षेत्रवाद का समूल उन्मूलन करने का काम करेगी। 

महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने गुरुवार को यहां पहुचे प्रथम दल के लगभग 200 सदस्यो का

तिलक लगाकर एवं माला पहनाकर स्वागत किया ।

इस अवसर उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की सोच का परिणाम है कि हमारे दक्षिण भारत के भाई.बहन उत्तर भारत में आकर भारत की साझा संस्कृति , परम्पराओ , मान्यताओं का अनुभव प्राप्त कर रहे है। आज उत्तर और दक्षिण का मिलान  संगम तट पर देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस पावन धरा पर काशी तमिल संगम यात्र का आगमन निश्चित रूप से भारत के उज्ज्वल भविष्य का सूचक है। 

        श्री केसरवानी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने  " एक भारत , श्रेष्ठ भारत" बनाने के लिए जिस प्रकार से अपनी नीतियों के माध्यम से समाज में परिवर्तन लाने का कार्य किया है उसी तरह से समाज समरस हो, समतायुक्त , ममतायुक्त , राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत समाज का निर्माण हो, उसके लिए भी कौन.कौन से कार्य हो सकते है, उसे भी करने का कार्य किया है । उसी का यह परिणाम है "काशी.तमिल संगमम् यात्रा।" 


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