सुरक्षा घेरे में जकड़ी रही अयोध्या, श्रद्धालुओं ने आराम से किया दर्शन पूजन

अयोध्या 06 दिसम्बर (वार्ता) बाबरी मस्जिद विवादित ढांचा गिराये जाने की बरसी के मौके पर अयोध्या में चाक चौबंद सुरक्षा इंतजाम के बीच श्रद्धालुओं ने रामलला का दर्शन पूजन किया।
शहर में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों की सघन तलाशी ली गयी। अयोध्या के प्रवेश मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी।वाहन में बैठे हुए लोगों की आईडी चेक किये गये, साथ ही होटल और धर्मशाला पर भी चेकिंग की गयी। अयोध्या के प्रशासनिक अधिकारी लगातार सड़कों पर पैदल गश्त करते दिखे। नयाघाट लता मंगेशकर चौक से राम मंदिर तक सुरक्षा बालों का रूट मार्च निकाला।
पुलिस अधीक्षक नगर चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि फोर्स ने चौक-चौराहों, बाजारों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में फ्लैग मार्च कर लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाया। अयोध्या की सुरक्षा में लगे सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से पूरी अयोध्या की निगरानी की जा रही थी। यही नहीं अयोध्या के प्रमुख मठ मंदिरों में अलग से सुरक्षा बलों को तैनात किया गया।
आज दर्शन पास का कोटा सुबह से पूर्ण हो चुका था। नित्य रामकोट परिक्रमा के नियमित परिक्रमार्थी और हनुमान गढ़ी के पुजारी रमेश दास ने कहा अब अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण पूर्ण हो चुका है। भव्य दिव्य राममंदिर में ध्वजारोहण भी हो चुका है। अयोध्या पौराणिक और धार्मिक नगरी के साथ साथ विकास के मामले में भी देश के उन्नत नगरों में शामिल हो गई है। पूरी दुनिया से श्रद्धालु राममंदिर और हनुमान गढ़ी दर्शन के लिए आ रहे हैं।
बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने टीएमसी नेता हुमायूं कबीर के बयान का विरोध किया, उन्होंने कहा “ बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले बाबर हमारे मसीहा नहीं हैं।” इकबाल अंसारी ने कहा, "यह बयान गलत है और इससे हिंदू-मुस्लिम एकता को नुकसान पहुंचता है। इकबाल अंसारी ने 6 दिसंबर को बाबरी ढांचा बरसी के अवसर पर कहा, "सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आ गया है और मुसलमानों ने इसे मान लिया है। अब अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो रहा है और शहर विकास की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, "हम सभी को शांति और भाईचारे के साथ रहना चाहिए। अयोध्या में गंगा-जमुनी तहजीब है और हमें इसे बनाए रखना चाहिए। आज उन्होंने तुलसी के वृक्ष में जल अर्पित किया। "गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में अयोध्या विवाद पर निर्णय दिया था, जिसमें कहा गया था कि विवादित भूमि राम लला विराजमान को दी जाएगी और मुस्लिमों को 5 एकड़ जमीन दी जाएगी। इस निर्णय के बाद, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ और शहर में शांति और भाईचारा बना हुआ है।

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