एसआईआर अभियान की योगी ने की समीक्षा,बूथ स्तर पर तैयारियों के निर्देश
मुरादाबाद,08 दिसंबर (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदाता सूची पुनरीक्षण(एसआईआर)की समीक्षा के दौरान जनप्रतिनिधियों को बूथ लेवल पर तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी बरेली से हेलिकॉप्टर द्वारा सोमवार सुबह लगभग 11.15 बजे मुरादाबाद पीडब्ल्यूडी के निरीक्षण भवन पहुंचे थे। वह यहां लगभग सवा घंटे तक रहे। एसआईआर की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक में मुरादाबाद मंडल के पांचों जिलों मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, बिजनौर और संभल के जन-प्रतिनिधियों को बुलाया गया था। इस दौरान मंडल भर के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित पीडब्ल्यूडी निरीक्षण भवन मुरादाबाद सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान ( स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) (एसआईआर) को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।योगी ने जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि 2026 की अंतिम मतदाता सूची 5 जनवरी 2026 को प्रकाशित होनी है, इसलिए दिसंबर महीने में हर पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में जुड़ना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष पूरे कर चुके हर युवा-युवती का नाम वोटर लिस्ट में होना चाहिए, कोई भी पात्र व्यक्ति छूटना नहीं चाहिए। साथ ही मृतक, स्थायी रूप से प्रवास कर चुके तथा डुप्लीकेट नामों को तत्काल हटाने के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
उन्होने 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अभी से बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक बूथ पर बीएलओ, बीएलए तथा पार्टी के बूथ एजेंट की सक्रियता बढ़ाई जाए। बूथ स्तर की कमेटियां गठित कर अभी से कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाए ताकि 2027 में भाजपा फिर प्रचंड बहुमत से सरकार बनाए।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्षों, विधायकों तथा सगंठन से जुड़े पदाधिकारियों तथा मंडलायुक्त व पुलिस महानिरीक्षक के अलावा मंडल भर के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कुछ जनप्रतिनिधियों से अलग से फीडबैक लेकर चर्चा की और उनकी समस्याएं भी सुनीं।
इस दौरान भोजपुर थाना क्षेत्र की महिलाएं अपनी फरियाद लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंची लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया गया तो उन्होंने इस पर हंगामा शुरू कर दिया। सुरक्षा में लगे अधिकारियों ने तुरंत महिला पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया। महिलाओं को समझाने का काम किया गया तो हंगामा कर रहीं महिलाओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस द्वारा उनकी सुनवाई नहीं करने की शिकायत की। महिलाओं का कहना था कि वह अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।
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