लोक सेवा आयोग के सामने छात्रों के धरण प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प

प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग गेट के सामने लेकर प्रतियोगी छात्रों ने अपनी पाँच सूत्री मांगों को लेकर धरण प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के बीच धक्का मुक्की और झड़प हुई । 

धरना प्रदर्शन दे रहे छात्रों का कहना था कि पिसीएस –प्री  2024 और आरओ- एआरओ- प्री 2023 के परिणाम मे पारदर्शिता नहीं  बरती गई  है , इसलिए फेल छात्रों के नंबर जारी किए जाएं | जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा |  दरअसल छात्रों की लंबे समय से यह मांग भी रही है कि अलग.अलग वैकल्पिक विषयों में नंबर देने के तरीके में असमानताएं हैं, इससे किसी विशेष विषय के छात्रों को बेवजह या तो फायदा मिलता है या फिर नुकसान होता है। 

 उनका कहना था कि ऐसे में ऑप्शनल विषयों को हटाया जाना चाहिए। सके अलावा छात्रों की मांग थी कि इसकी जगह पर यूपी से संबंधित दो नए पेपर शामिल किये जाने चाहिए। इस से उत्तर प्रदेश के छात्रों को ज्यादा फायदा मिल सकेगा, साथ ही छात्रों को अपने राज्य के विषय में ज्यादा पढ़ने को मिलेगा जिससे प्रशासन, इतिहास , भूगोल और संस्कृत की बेहतर जानकारी रख सकेंगे।

छात्र गेट  के बाहर बैठ कर प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे सड़क पर जाम कि स्थिति बन गई | जाम खुलवाने के लिए पुलिस प्रशासन मौके पर पहुच और छात्रों को वह से हटाने लगा, लेकिन छात्रों ने हटने से मना कर दिया | पुलिस ने जब उन्हे उठाने कि कोशिश कि तो झड़प हो गईं| छात्रों को रोकने के लिए आरएएफ –पीएसी  और  बड़ी संख्या मे पुलिसकर्मी  तैनात थे | आयोग गेट के बाहर बैरिकादिङ कर दु गई थी |

प्रशासन और लोक सेवा आयोग का कहना है कि छात्रों द्वारा दी गई पांच सूत्रीय मांगों में से कुछ मांगे बेबुनियाद है तथा कुछ मांगों का हल पहले ही कर दिया गया है। उसके बावजूद छात्रों द्वारा किए जा रहे धरना प्रदर्शन पूरी तरीके से असंवैधानिक है तथा उनके द्वारा किसी भी प्रकार के उपद्रव या अन्य ऐसे कृत जो की कानून के ऊपर है उस पर छात्रों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

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