मॉडल सीआई वीएचएसएनडी का पर्यवेक्षण करेंगी आंगनबाड़ी सुपरवाइजर्स
सीएमओ ने बताया कि मॉडल सीआई वीएचएसएनडी सत्रों के आयोजन में आईसीडीएस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वहां पर सुपोषण सबन्धित गतिविधियों, अन्नप्राशन संस्कार और गोदभराई संस्कार का आयोजन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से ही संभव हो पाता है। नियमित टीकाकरण में आशा कार्यकर्ता के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी प्रेरक के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसे में पर्यवेक्षण के दौरान आईसीडीएस की भूमिका अहम हो जाती है। किसी भी सत्र को मॉडल बनाने के लिए सभी प्रमुख संकेतांकों जैसे प्रसव पूर्व जांच, नियमित टीकाकरण और परिवार नियोजन सेवाएं आदि का संतृप्त होना तथा उनकी सही निगरानी आवश्यक है।
सीएमओ ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती और धात्री को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं के बारे में भी आंगनबाड़ी सुपरवाइजर्स को जानकारी दी। साथ ही जननी शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ विनय शंकर ने मॉडल सीआई वीएचएसएनडी के मॉनीटरिंग टूल के बारे में जानकारी दी ।
अभिमुखीकरण कार्यक्रम में पहुंचे जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ अभिनव मिश्र ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के इस प्रयास से समन्वित तरीके से काम किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि सभी नवनियुक्त आंगनबाड़ी सुपरवाइजर्स को प्रतिदिन सुबह ग्यारह बजे से राज्य स्तर से ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में उनका दस से ग्यारह बजे के बीच स्थानीय स्तर से ऑफलाइन अभिमुखीकरण भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को सीएमओ डॉ राजेश झा ने मॉडल सीआई वीएचएसएनडी सत्र को लेकर अभिमुखीकरण किया। यूनिसेफ के प्रतिनिधि सुरेश तिवारी अभिमुखीकरण कार्यक्रम में सहयोग कर रहे हैं।

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