वसंत पंचमी से अचला सप्तमी तक 3.50 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान

प्रयागराज, ( दिनेश तिवारी) मेला प्रशासन ने वसंत पंचमी (23 जनवरी) से लेकर अचला सप्तमी (25 जनवरी) तक 3 . 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम समेत विभिन्न घाटों पर स्नान करने का अनुमान लगाया है।

मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने  कहा कि मौनी अमावस्या पर 4 . 52 करोड़ श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ के बाद मेला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए बुधवार को उन्होंने आठ प्रमुख स्नान घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान घाटों की सफाई व्यवस्था, नदियों में पानी का स्तर , पांटून पुलों और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की गई। सेक्टर.पांच के घाटों पर गंदगी मिलने पर मंडलायुक्त ने सेक्टर के मेडिकल ऑफिसर सहित दो सर्किल इंस्पेक्टर का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। वहीँ सेक्टर.चार स्थित एरावत घाट पर व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलने पर संबंधित अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की गई। 

       मंडलायुक्त ने स्नान घाटों पर बोरिंग की स्थिति दुरुस्त रखने, चकर्ड प्लेट सड़कों की मरम्मत, पांटून पुलों की सुरक्षा और मजबूती सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सभी व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जा रहा है। 

      मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि वसंत पंचमी से अचला सप्तमी तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आने को देखते हुए जल , थल और नभ से कड़ी निगरानी की जाएगी। उन्होंने बताया कि  झूंसी , अरैल और संगम क्षेत्र के सभी घाटों पर सुव्यवस्थित ढंग से स्नान संपन्न कराने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित घाटों और मार्गों का ही उपयोग करें और प्रशासन के जारी दिशा.निर्देशों का पालन कर सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित स्नान में सहयोग करें।

       गौरतलब है कि पांटून पुलों की व्यवस्था में श्रद्धालु परेड से झूंसी जाने के लिए  पांटून पुल.तीन , पांच और सातका उपयोग करेंगे जबकि झूंसी से परेड आने के लिए  पांटून पुल.चार और छह के रास्ते जा सकेंगे । पांटून पुल.एक और दो  आपात स्थिति के लिए आरक्षित रखागया है।

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