सिर पर गठरी लेकर माघ मेले में उमड़ी भीड़, 85 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

प्रयागराज, ( दिनेश तिवारी) मकर संक्रांति का पारंपरिक स्नान बुधवार को एकादशी के दिन हो रहा है ऐसे संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जा रही है किंतु पारंपरिक रूप से 14 जनवरी को भी लोग संक्रांति मानकर गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में 85 लाख श्रद्धालुओं ने आस्था  की डुबकी लगाया।

माघ मेला 2026 का मकर संक्रांति का दूसरा स्नान पर्व है । जिसको लेकर श्रद्धालु रेलवे के माध्यम से भी बड़ी संख्या में लोग प्रयागराज पहुंच रहे है। श्रद्धालुओ कि प्रयागराज स्टेशन , प्रयागराज रामबाग , झूसी, छिवकी, सूबेदारगंज स्टेशनों पर भरी भीड़ देखने को मिल रही है। रेलवे ने भी तैयारियां पूरी है सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए है जिसे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या न हो ।

मकर संक्रांति का पारंपरिक स्नान आज एकादशी के दिन हो रहा है ऐसे संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जा रही है किंतु पारंपरिक रूप से 14 जनवरी को भी कुछ लोग संक्रांति मानकर पवित्र गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में डुबकी लगाते हैं।  यह स्नान मध्य रात्रि से शुरू हो गया है| बुधवार को एकादशी स्नान पर्व पर 85 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान  किया |

श्रद्धालुओ कि भीड़ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर सिर पर गठरी रखे खरमा- खरमा माघ मेले में संगम मे एक आस्था कि डुबकी लगाने के लिए उमड़ रही है। बृहस्पतिवार को मकर संक्रांति स्नान के लिए बुधवार को सुबह से ही संगम पहुंचने वाले सभी मार्गों पर भीड़ नजर आ रही है ।

मकर संक्रांति के लिए सुरक्षा इंतजामों पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा, 'पूरे मेला क्षेत्र को सेक्टरों में बांटा गया है, और लगभग 12,000 फीट लंबे घाट तैयार किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए हर घाट पर जल  पुलिस के साथ-साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आरएएफ की टीमें तैनात की गई हैं। घाटों पर पर्याप्त चेंजिंग रूम की व्यवस्था की गई है। पूरे मेला क्षेत्र में पुलिसकर्मी ड्यूटी पर हैं, और सफाई कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है।

गौरतलब है कि बुधवार को एकादशी पर संगम तट  पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दोपहर बाद स्नान का योग होने के कारण बड़ी संख्या श्रद्धालुओं ने बुधवार को भी डुबकी लगाई। मेले पहुचे श्रद्धालुओं का कहना है कि वह परिवार के साथ मेले में आए हैं। आज भी स्नान किया है और कल बृहस्पतिवार को भी स्नान करके बाद घर के लिए निकलेंगे। एकादशी स्नान कर बड़ी संख्या मे श्रद्धालु स्नान के बाद गंतव्य के लिए लौटे|

मकर संक्रांति पर संगम तट पर 15 जनवरी को आस्था का भव्य नजारा देखने को मिलेगा। मेला प्रशासन ने इस मौके पर दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान के अनुमान को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। अरैल, झूंसी, संगम क्षेत्र में करीब 24 घाटों पर स्नान की व्यवस्था की गई है। जो श्रद्धालु जिस तरफ से आएगा, उसी के नजदीक घाट पर स्नान कराने की तैयारी की जा रही है। श्रद्धालुओं को उनके नजदीकी घाट पर पहुंचाने के लिए पूरा खाका तैयार किया गया है।

मकर संक्रांति पर अवकाश 14 जनवरी के बजाय 15 जनवरी को रहेगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार यह बदलाव खगोलीय गणना के आधार पर किया गया है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की रात 9  बजकर 39 मिनट के बाद होगा। ऐसे में संक्रांति का पुण्यकाल 15 जनवरी को पड़ रहा है , इसलिए पर्व और अवकाश की तिथि बदली गई है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार अब अगले 54 वर्षों (2080 तक) मकर संक्रांति 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी। इससे पहले यह पर्व प्रायः 14 जनवरी को मनाया जाता रहा है।

माघ मेले तक आने वाले सभी मार्गों पर दोपहिया और चार पहिया वाहनों का संचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। एंट्री प्वाइंट पर ही वाहनों को रोक दिया जा रहा है। मेले के बाहर बनाए गए पार्किंग में वाहनों को खड़ा किया जा रहा है। मेले में पुलिस और सुरक्षा बलों की सक्रियता बढ़ गई है।

माघ मेले में मकर संक्रांति  पर उमड़ी भीड़ के मद्देनजर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ जल पुलिस टीमें सक्रिय हो गई हैं। घाटों की लगातार निगरानी की जा रही है। घाटों पर गहराई वाले स्थानों को चिन्हित कर संकेतक लगाए गए हैं। घाटों को तैयार करने का कार्य बुधवार को दिन भर चलता रहा।

एंट्री प्वाइंट पर ही वाहनों को रोक दिया गया गया है। एटीएस, पुलिस और पैरामिलिट्री के जवान मेले में सघन निगरानी में जुट गए हैं। एटीएस के साथ पैरामिलिट्री के जवान मेले में संगम समेत सभी घाटों पर निगरानी कर रहे हैं। संगम वॉच टॉवर से पूरे मेला क्षेत्र और स्नान घाटों की निगरानी की जा रही है।

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