मै कोई मां सीता नहीं कि अग्नि परीक्षा दूंगी : हर्षा रिछारिया

प्रयागराज, (दिनेश तिवारी ) पिछले वर्ष महाकुंभ मे चर्चा मे आई हर्षा रिछारिया ने कहा, “ आप अपना धर्म अपने पास रखिए, मैं कोई मां सीता नहीं कि अग्नि परीक्षा दूँगी |”

हर्षा रिछारिया अपने भाई दीपक रिछारिया के साथ माघ मेल मे पहुंची हैं | उनका एक विडिओ वाइरल हो रहा है जिसमे वह कह रही हैं कि आप अपना धर्म अपने पास रखिए, मैं कोई मां सीता नहीं कि अग्नि परीक्षा दूँगी | उन्होंने कहा कि वह एक साल से लोगों के विरोध का सामाना किया | मैंने  महाकुंभ से धर्म के मार्ग को अपनाने का प्रयास किया लेकिन इसका विरोध प्रयागराज से शुरू हुआ |  अब मौनी अमावस्या के बाद धर्म का रास्ता छोड़कर  वह अपने पुराने प्रोफेशन को पुनः अपनायेंगी | किसी के चरित्र पर सवाल उठान आसान है, लेकिन मैं सीता नहीं हूँ जो अग्नि परीक्षा दूँ |

उन्होंने कहा कि “मैंने कोई गलत काम नहीं किया | फिर भी जब-जब मैंने धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने का प्रयास किया, मुझे बार-बार रोका  गया, मेरा मनोबल तोडा गया | उन्होंने कहा लोगों को लगा कि धर्म को धंधा बनाकर करोड़ों रुपए काम रही हूँ, ऐसा  नहीं है| जो लोग धर्म को धंधा बना कर कमा रहे हैं, उनके बीच आज मै  कर्ज मे डूबी हूँ| रिछारिया ने कहा कि पिछले एक साल मे उन्होंने जो भी करने कि कोशिश किया उसका विरोध किया गया | शायद हमारे देश मे किसी लड़की का विरोध करना, उसका मनोबल तोड़ना और उसके चरित्र पर सवाल उठाना  बहुत आसान है |

रिछारिया ने कहा कि मुझे जितनी परीक्षाएं देनी थी , मैंने दी | इस मौनी अमावस्या पर आस्था कि डुबकी लगाने के बाद धर्म के मार्ग पर चलने का जो संकल्प लिया था उसे पूर्ण विराम दूँगी | वह पुराने अपने काम को तरजीह देंगी | जिसमे न कोई विरोध और नहीं चरित्र पर लांछन | उसने कहा कि यदि उससे कोई धर्म के मार्ग पर चलने कि राय लेगी या लेगी तो उसे वह इससे दूर रहकर अपनों मे रहने और किसी भी मंदिर मे जाकर सिर झुकाने की सलाह देगी, किसी का अनुसरण करने कि सलाह कतई नहीं  देगी |

 गौरतलब है कि एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, मॉडल और एंकर हर्ष रिछारिया निरंजनी अखाड़े के आचार्य महमाँड़ेलश्वर स्वामी कैलशानन्द की शिष्या कुंभ मेले मे पेशवाई के रथ पर बैठने पर चर्चा मे आई थी | महाकुंभ में अपनी खूबसूरती और आध्यात्मिकता के मिश्रण के कारण "सबसे सुंदर साध्वी" के रूप में वायरल हुईं। हाल ही में उन्होंने मानसिक दबाव और चरित्र पर सवालों के चलते धर्म की राह छोड़ने और पुराने पेशे में लौटने का ऐलान किया है।

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