गौ माता केवल एक पशु नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का मूल आधार हैं :अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
गंगा तट पर चल रहे माघ मेला में गंगा पूजन, गौ व गणेश आराधना के साथ ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गुरुवार को गौ प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा का विधिवत शुभारंभ किया।
यात्रा के माध्यम से शंकराचार्य ने संत समाज को यह संदेश दिया कि गौ.संरक्षण केवल आंदोलन नहीं बल्कि राष्ट्रीय चेतना का विषय है और इसे जन.जन तक पहुँचाने की आवश्यकता है। इन्होंने कहा कि गौ.माता केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य और अध्यात्म का मूल आधार हैं। आज आवश्यकता है कि संत समाज आगे आए और राष्ट्र को पुनः गौ.संरक्षण के पथ पर प्रेरित करे।
माघ मेले में पहले ही दिन कुल 130 अखाड़ों एवं संत.शिविरों का भ्रमण कर संत.महात्माओं एवं शिविर प्रतिनिधियों को गौ रक्षा के लिए संकल्पित कराया, तथा उन्हें * गौ माता राष्ट्र माता * आंदोलन से जुड़ने हेतु प्रेरित किया। शिविरों में संतों ने शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया एवं आंदोलन में सक्रिय भागीदारी एवं सम्पूर्ण सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।
इस यात्रा में दंडी संन्यासी स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुंदानंद गिरी, स्वामी अप्रमेय शिवशाक्षत कृतानंद गिरी, ब्रह्मचारी सहजानंद ब्रह्मचारी तीर्थानंद, ब्रह्मचारी श्रवणानंद, अखिलेश ब्रह्मचारी, देवेन्द्र पांडे गोप सहित सैकड़ों भक्त उपस्थित रहे।

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