एलआईसी की स्थिरता भारत की वित्तीय स्थिरता का पर्याय: एम नागराजू

मुंबई, 17 जनवरी (वार्ता) केंद्रीय वित्त मंत्रलाय में वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की मजबूती को देश के वित्तीय क्षेत्र की मजबूती का पर्याय बताया और कहा कि 57.23 लाख करोड़ रुपये की समेकित प्रबंधनाधीन सम्पत्ति (एयूएम) और मजबूत सॉल्वेंसी अनुपात के साथ कंपनी ठोस बुनियाद पर है और पालिसी धारकों को उनके निवेश पर अच्छा प्रतिफल दे रही है।
श्री नागराजू शनिवार को यहां आयोजित एलआईसी की रणनीति बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि एलआईसी को 2.13 के मजबूत सॉल्वेंसी अनुपात ( शुद्ध देनदारी तुलना में कंपनी के पास आरक्षित रखी अतिरिक्त पूंजी) का समर्थन प्राप्त है और यह पॉलिसीधारकों के फंड पर वार्षिक 8.9 प्रतिशत की औसत दर से संतोषजनक प्रतिफल दे रही है।
उन्होंने समन्वित प्रयासों और निरंतर फॉलो-अप के माध्यम से पॉलिसीधारकों के बीच निरंतरता अनुपात में सुधार के महत्व पर जोर दिया और उन्होंने "सभी के लिए बीमा" के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने के लिए डिजिटल मार्केटिंग और मोबाइल-फर्स्ट दृष्टिकोण को निरंतर अपनाने का आग्रह किया।
इस बैठक में कहा गया कि एल आई सी देश में हरित ऊर्जा, अवसंरचना विकास, स्टार्टअप और वैकल्पिक निवेश फंड जैसे देश के विकास में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए संस्थागत पूंजी की व्यवस्था करने वाला एक प्रमुख भागीदार संस्थान है।
वित्तीय सेवा सचिव ने "सभी के लिए बीमा" के राष्ट्रीय लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए कंपनी को डिजिटल और मोबाइल-पहले वाला दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। इस बैठक में कंपनी की विपणन, व्यवसाय रणनीति,बीमा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी परिवर्तन के परिदृष्य , मानव संसाधन रणनीति और रणनीतिक परिसंपत्ति आवंटन रणनीति पर अलग अलग सत्र आयोजित किए गए।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार श्री नागराजू ने कहा, ' एलआईसी सिर्फ एक बीमा कंपनी नहीं बल्कि एक घरेलू स्तर पर महत्वपूर्ण बीमाकर्ता (डी-एसआईआई) है और विनियामक इरडाई द्वारा कंपनी को दिया गया यह दर्जा एक गहरी जिम्मेदारी लेकर आता है, क्योंकि एलआईसी की स्थिरता भारत की वित्तीय स्थिरता का पर्याय है।' उन्होंने यह भी बताया गया कि एलआईसी एक पारंपरिक व्यावसायिक संगठन से मूल्य-आधारित, डिजिटल-प्रौद्योगिकी से लैस एक शक्तिशाली वित्तीय संस्थान के रूप में उभरा है।
एलआईसी के उत्पाद पोर्टफोलियो में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें उच्च विकास दर वाले उत्पादों की ओर रणनीतिक बदलाव शामिल है। नवाचार के माध्यम से, एलआईसी युवा टर्म , डिजी टर्म और इंडेक्स प्लस जैसे उत्पादों के साथ-साथ अनुकूलित यूएलआईपी और "प्रीमियम वापसी" योजनाओं के जरिए युवा वर्ग को आकर्षित कर रहा है। एलआईसी का विशाल एजेंसी नेटवर्क इसकी सबसे बड़ी संपत्ति है। जीवन समर्थ पहल के तहत, एजेंसी नेटवर्क बढ़कर 14.8 लाख से अधिक एजेंट का हो गया है, जिसमें 18-40 आयु वर्ग के एजेंटों का अनुपात ऊंचा रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
उन्होंने बताया कि महिला बीमा एजेंटों (बीमा सखियों) की शुरुआत को अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है। कंपनी की 29 लाख से अधिक बीमा सखियों ने 14 लाख से अधिक पॉलिसी जुटायी हैंऔर 50 प्रतिशत से अधिक पंचायतों को कवर किया है।
बैठक में डिजिटल परिवर्तन के लिए प्रोजेक्ट डाइव को एलआईसी की प्रमुख पहल बताया गया जिसमें मार्टेक प्लेटफॉर्म, सेल्स और कस्टमर सुपर ऐप्स, एक एकीकृत डेटा लेक और 2026 के अंत तक पूरा काम हर चरण में डिजिटल तरीके से करने का लक्ष्य शामिल है।

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