सीएसपीओसी में सीखने- सिखाने का सत्र महत्वपूर्ण : मोदी
नयी दिल्ली, 15 जनवरी (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों तथा पीठासीन अधिकारियों (सीएसपीओसी) के सम्मेलन में इस बार की विशेषता यह है कि यहां हम सब एक दूसरे के साथ अपने अनुभवों को साझा कर अपनी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की चुनौतियों को महत्व देते हुए सीखने तथा सिखाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर विशेष रूप से विचार करेंगे।
श्री मोदी ने गुरूवार को यहां संसद भवन परिसर के संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में सीएसपीओसी के 28वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि इस सम्मेलन के जरिए हमें एक दूसरे से सीखना है और सिखाना है ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ज्यादा मजबूत बनाया जा सके।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जन कल्याण की योजनाओं को सबके हित के लिए समान रूप से काम करने की जरूरत है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए किन प्रक्रियाओं को और खासकर सोशल मीडिया और एआई की भूमिका के संदर्भ में विशेषरूप से विचार करने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई की तकनीकी बड़ी चुनौती है भारत में इसका इस्तेमाल हो रहा है। सांसद और विधानसभा में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है और उसकी जो चुनौतियां हैं उस पर भी इस सम्मेलन में विचार किया जाना चाहिए।

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