मकर संक्रांति पर दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का अनुमान, तैयारी में जुटा प्रशासन

प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) माघ मेले में मकर संक्रांति स्नान पर्व पर मेला  प्रशासन ने दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के  आस्था कि डुबकी लगाने का अनुमान लगाया है। इसको लेकर मेला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मकर संक्रांति पर संगम तट पर 15 जनवरी को आस्था का भव्य नजारा देखने को मिलेगा। मेला प्रशासन ने इस मौके पर दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान के अनुमान को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। अरैल, झूंसी, संगम क्षेत्र में करीब 24 घाटों पर स्नान की व्यवस्था की गई है। जो श्रद्धालु जिस तरफ से आएगा, उसी के नजदीक घाट पर स्नान कराने की तैयारी की जा रही है। श्रद्धालुओं को उनके नजदीकी घाट पर पहुंचाने के लिए पूरा खाका तैयार किया गया है।

मकर संक्रांति पर अवकाश 14 जनवरी के बजाय 15 जनवरी को रहेगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार यह बदलाव खगोलीय गणना के आधार पर किया गया है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की रात 9  बजकर 39 मिनट के बाद होगा। ऐसे में संक्रांति का पुण्यकाल 15 जनवरी को पड़ रहा है , इसलिए पर्व और अवकाश की तिथि बदली गई है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार अब अगले 54 वर्षों (2080 तक) मकर संक्रांति 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी। इससे पहले यह पर्व प्रायः 14 जनवरी को मनाया जाता रहा है।

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित आवागमन के लिए 14 अस्थायी होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। ट्रैफिक मूवमेंट प्लान के तहत बाइक टैक्सी की भी व्यवस्था की गई है। पर्यटकों के लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से वाटर स्पोर्ट्स और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का संचालन किया जा रहा है। इसका अब तक एक हजार से अधिक पर्यटक आनंद ले चुके हैं।

श्रद्धालुओं कि सुरक्षा के लिए मेल क्षेत्र मे अपर पुलिस अधीक्षक , 14 सीओ , 29 इन्स्पेक्टर ,221 दरोगा , 15 महिला दरोगा ,  बड़ी संख्या मे पुलिस के अलावा पीएसी कि सात कंपनियां , चार आरएएफ कंपनियां, दो एनडीआरएफ, एक एसडीआरएफ कि टीमें तैनात हैं | एटीएस कि दो टीमें , बीडीस कि छह टीमें , एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) की टीम ने मोर्चा संभाल लिया है। अत्याधुनिक हथियारों से लैस प्रशिक्षित स्नाइपर को तैनात किए गए हैं, जो असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखेंगे।

मेलाधिकारी ऋषि राज ने बताया कि पहली बार मेले को ऊर्जा चक्रों की थीम पर आधारित करते हुए सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए घाटों की लंबाई पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ाकर 2.98 किमी कर दी गई है। पैदल श्रद्धालुओं के लिए अलग पांटून पुल निर्धारित किया गया है, ताकि आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छता के व्यापक इंतजाम किए गए है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपा अध्यक्ष को लगता है कि मुसलमान उनकी जेब में हैं: मायावती

हार-जीत से बड़ा है सक्षम बनना

24 जुलाई 2026 को चंद्रमा दिखाई देगा अन्टारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र के योगतारा) के पास