उत्तर प्रदेश में बनेंगे छह नॉर्थ–साउथ हाईवे कॉरिडोर
लखनऊ, 15 जनवरी (वार्ता) उत्तर प्रदेश में उत्तर–दक्षिण दिशा में सड़क संपर्क को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार छह नए नॉर्थ–साउथ हाईवे कॉरिडोर विकसित करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन प्रस्तावित कॉरिडोर परियोजनाओं को सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है। इनके निर्माण से प्रदेश के कई जिलों में आवागमन सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार इन कॉरिडोरों के विभिन्न पैकेजों के कार्ययोजना प्रस्तावित किए जा चुके हैं। कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, जिसे दो वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित छह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के उत्तर और दक्षिणी हिस्सों को सीधे जोड़ेंगे। इनमें प्रमुख रूप से इकौना (श्रावस्ती) से प्रयागराज तक लगभग 262 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर शामिल है, जो गोंडा, बलरामपुर, अयोध्या और सुलतानपुर से होकर गुजरेगा। इस मार्ग को सिक्स लेन ग्रीनफील्ड हाईवे के रूप में विकसित किए जाने की योजना है।
इसी तरह लखीमपुर–सीतापुर–लखनऊ–नवाबगंज–लालगंज–चौडारा–जौनिया–ललौली होते हुए बांदा तक एक अन्य लंबा कॉरिडोर प्रस्तावित है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 502 किलोमीटर बताई जा रही है। इसके अलावा पूर्वांचल, मध्य यूपी और बुंदेलखंड क्षेत्र को जोड़ने वाले अन्य चार नॉर्थ–साउथ कॉरिडोर भी योजना में शामिल हैं।
सूत्रों का कहना है कि इन हाईवे कॉरिडोरों के निर्माण से जिलों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही कृषि, उद्योग, व्यापार और पर्यटन को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से निवेश को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सरकार का मानना है कि छह नॉर्थ–साउथ हाईवे कॉरिडोर प्रदेश की सड़क कनेक्टिविटी को नया आयाम देंगे और उत्तर प्रदेश को एक सशक्त लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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