बिरला ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर दी देशवासियों को शुभकामनाएं

नयी दिल्ली, 25 जनवरी (वार्ता) लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को आज शुभकामनाएं दीं।

श्री बिरला ने रविवार को यहां जारी अपने संदेश में कहा "77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मैं देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई देता हूँ। यह राष्ट्रीय दिवस हमारे संविधान के लागू होने के स्मरण के साथ साथ भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और जनशक्ति में अटूट विश्वास का उत्सव भी है। आज से 77 वर्ष पूर्व हमने 26 जनवरी 1950 को स्वयं को एक संप्रभु और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित किया था।"
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि हमारा संविधान न केवल शासन की रूपरेखा प्रस्तुत करता है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार भी सुनिश्चित करता है। हमारा संविधान हमारे राष्ट्र की आत्मा है जो विविधताओं से भरे भारत को एक सूत्र में बाँधता है। इसी संविधान के मार्गदर्शन में हमने इस लोकतांत्रिक यात्रा में तमाम चुनौतियों का समाधान भी किया है और देश का समावेशी विकास सुनिश्चित किया है। उनका कहना था कि इस वर्ष का गणतंत्र दिवस इसलिए भी विशेष है क्योंकि राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् के रचे जाने के 150 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। वन्दे मातरम् ने हमारे स्वाधीनता संग्राम को प्रेरणा दी, हमारे आत्मसम्मान को स्वर दिया और भारत माता के प्रति समर्पण को चिरस्थायी बना दिया।
श्री बिरला ने कहा कि आज का भारत सभी क्षेत्रों में तेज़ी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है—चाहे वह आर्थिक विकास हो, तकनीकी नवाचार हो या सामाजिक न्याय की दिशा में उठाए गए कदम। यह प्रगति करोड़ों नागरिकों की मेहनत, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम का परिणाम है। हमें इस उपलब्धि को और सशक्त करने के लिए अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना होगा। इस शुभ दिवस पर हम उन सभी महापुरुषों, स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं का कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करते हैं, जिन्होंने अपने त्याग, तप और दूरदर्शिता से इस महान भारत की नींव को दृढ़ बनाया।
उन्होंने कहा "आज हम सब एक नया संकल्प लें कि हम अपने लोकतंत्र की गरिमा को आगे बढ़ाएँगे, अपने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों को भी उसी निष्ठा से निभाएँगे और स्वतंत्रता, समानता, न्याय तथा बंधुता के उन मूल्यों को और सुदृढ़ करेंगे जिन पर यह गणतंत्र टिका है। आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे भारत का निर्माण करें जो सशक्त, समावेशी और विश्व में प्रेरणा का स्रोत बने। गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामना।"

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