ठंड पर आस्था पडी भारी, एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

प्रयागराजए ; (दिनेश तिवारी ) माघ मेला 2026 के द्वितीय स्थान पर्व मकर संक्रांति के अवसर पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। धर्म, आस्था और परंपरा के इस महापर्व पर लगभग 1 करोड़ 3 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कल एकादशी के अवसर पर लगभग 85 लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई थी।

       शास्त्रों में मकर संक्रांति स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम में स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। माघ मेला के दौरान मकर संक्रांति का स्नान विशेष फलदायी माना जाता है, इसी आस्था के कारण देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु प्रयागराज आते हैं।

कड़ाके की ठंड और कोहरे के बावजूद श्रद्धालु कड़ाके की ठंड और कोहरे के बावजूद तड़के से ही संगम पर पहुंचने का क्रम जारी रहा। मकरसंक्रांति पर एक करोड़ तीन लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। पवित्र डुबकी लगाई।

      माघ मेला अधिकारी ऋषि राज ने बताया कि  मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालुओं का स्नान बुधवाररात से जारी है। घाट पर कोहरा छाया है लेकिन हमारी टीम मुस्तेद है और निगरानी बनाये हुए है।

     मकर संक्रांति के पावन पर्व  दोपहर 12 बजे तक संगम तट पर 54 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। प्रशासन ने शाम तक दो करोड़ लोगों के स्नान किया था लेकिन कुल स्नान एक करोड़ तीन लाख लोगों ने किया।

        संगम की रेती पर गरीबों, बेसहारों को अन्न वस्त्र के दान के साथ ही महिलाएं कहीं समूहों में मां गंगा के गीत गाती रहीं तो कहीं हल्दी-चंदन के टीके लगाने वाले श्रद्धालुओं को घेरे रहे। पुरोहितों की चौकियों पर तिलक-त्रिपुंड लगता रहा। सुरक्षा कर्मियों की चौकसी के बीच जल पुलिस रिवर बैरिकेडिंग के अंदर ही स्नान करने के लिए सचेत करती रही।

     गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। 44 दिवसीय माघ मेले के दूसरे स्नान पर्व  मकरसंक्रांति पर श्रद्धालु उमड़ पड़े। देश के कोने-कोने से आए संत, कल्पवासी और श्रद्धालु संगम की ओर बढ़ते नजर आए। शरीर पर शॉल, अलग-अलग वेशभूषा और चेहरे पर श्रद्धा की चमक आस्था की गवाही दे रही थी| कड़ाके की सर्दी भी श्रद्धालुओं के उत्साह को डिगा नहीं सकी। परिवार, गांव वालों और रिश्तेदारों के साथ श्रद्धालु पैदल ही संगम की ओर बढ़ते रहे। जैसे ही श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई, चेहरे पर थकान की जगह सुकून और आनंद साफ झलक उठा।

       सनातन किन्नर अखाड़ा के संत सुबह अपने शिविर से निकलकर झाँकी कलाकारों के साथ गाजे बाजे के संग मनोहरी नृत्य करते हुए माँ गंगा का आशीष लेते हुए स्नान किया।

     सनातनी किन्नर अखाड़ा में मकरसंक्रांति के पावन पर्व पर अपने आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी के नेतृत्व में अपने पदाधिकारियों के साथ,शिष्यों के शानदार नृत्य प्रदर्शन के साथ किया गंगा स्नान किया। 

     मकर संक्रांति पर्व पर बृहस्पतिवार को श्रद्धालु और कल्पवासी संगम में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। मेला प्रशासन ने दो से ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने का अनुमान जताया है। इसके 24 स्नान घाटों पर इंतजाम किया गया है। इसके अलावा हाईटेक रिस्पांस प्लान लागू कर आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। नदी की धारा में परिवर्तन के कारण घाटों में आंशिक संशोधन भी किया गया है।

        स्नान घाटों एवं मार्गों पर किसी को भी सोने न देनेए पैनिक की स्थिति उत्पन्न न होने देने और संचार के लिए अनिवार्य रूप से वायरलेस सेट के प्रयोग के लिए प्लान तैयार किया गया हैं। वहींए मकर संक्रांति पर्व से पहले बुधवार को 75 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। श्रद्धालु सिर पर गठरीए हाथों में बैगए झोला लिए पैदल संगम की ओर बढ़ते नजर आ रहे थे।  मेला संतों साधुण्संन्यासियों और कल्पवासियों के विराट समागम का केंद्र बन गया है। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के अनुसार नदी के जलस्तर में उतारण्चढ़ाव के अनुरूप घाटों एवं मार्गों पर आवश्यक कार्रवाई करने पर विशेष जोर देने को कहा गया है।

     जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने बताया कि जल पुलिस को पूरी सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। पुलिस अधीक्षक ;मेला द्ध नीरज कुमार पांडेय के अनुसारए जो जिधर से आएगा उसी नजदीक के स्नान घाट पर स्नान कराने का निर्देश दिया गया है। संवदेनशील चौराहों के बीच जाम लगने वाले आठ स्थान चिह्नित किए गए हैं। उन्हें क्लियर रखने के लिए क्यूआरटी बनाई गई है जो टीसीआर की सूचना पर तत्काल जाम स्थल पर पहुंच सकते हैं। हर क्यूआरटी में छहण्छह सिपाही और एक क्यूआरटी व्हीकल है। सीओ स्तर के अधिकारी द्वारा टीसीआर का पर्यवेक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मेले में जाम लगने पर एसीपीए एसएचओ और एसआई जवाबदेह होंगे।

       पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार के अनुसार श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विभिन्न घाटों से लेकर मेला क्षेत्र में पुख्ता इंतजाम किया गया है। 12 कंपनी पीएसीए बाढ़ राहत पीएसी की सात कंपनीए एनडीआरएफ की दो टीमेंए एसडीआरएफए एंटी माइंस की एकण्एक कंपनीए एटीएस की दो टीमेंए बीडीडीएस की छह एएस चेक की दस टीमेंए आरएएफ की छह कंपनीए यूपी 112 की चार पहिया 20 और दो पहिया 25 वाहनों से निगरानी का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा एक एसपीए आठ एएसपीए 17 सीओए 6169 दरोगा, सिपाही और 10,000 रिक्रूट आरक्षियों की तैनाती की गई हैं।

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