बांग्लादेश मे कट्टरपंथी गुटों द्वारा हिन्दूओ पर अत्याचार पर कार्रवाई की मांग: विश्वनाथ कुलकर्णी
उत्तर प्रदेश एवं बिहार राज्य समन्वयक (कॉर्डिनेटर) विश्वनाथ कुलकर्णी ने बताया कि बांग्लादेश के मयमनसिंह क्षेत्र में हिन्दू दीपू चंद्र दास को कट्टरपंथी भीड़ ने पेड़ से बाँधकर जिंदा जला दिया । साथ ही बांग्लादेश में हिन्दू समाज को लक्ष्य कर उनके घर व दुकानों को जलाया जा रहा हैं । उन्होंने बताया कि सतत हिन्दू-विरोधी हिंसा रोकने के लिए भारत सरकार से बांग्लादेश पर आर्थिक, व्यापारिक व राजनीतिक प्रतिबंध लगाने की मांग के साथ ही आतंकवादी एवं कट्टरपंथी गुटो के विरुद्ध कठोर सैन्य कार्रवाई की मांग उठाई गई ।
कॉर्डिनेटर कुलकर्णी ने बताया कि ज्ञापन में भारत-बांग्लादेश समझौते से अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्वातंत्र्य संरक्षण, संयुक्त राष्ट्र व मानवाधिकार आयोग में मुद्दा उठाकर फैक्ट-फाइंडिंग मिशन, उत्पीड़ित हिंदुओं को नागरिकता व पुनर्वास नीति, मंदिरों व धार्मिक संपत्ति का संयुक्त सर्वेक्षण, बांग्लादेश हिन्दू समाज से सीधा संवाद तंत्र जैसी मांगें हैं । उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा हिन्दू बहुल देश होने के नाते बांग्लादेश हिंदुओं की सुरक्षा हेतु राजनीतिक, कानूनी एवं अंतरराष्ट्रीय प्रयास करें ।
उन्होंने बताया कि बांग्लादेश के प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी पर ढाका में गोलीबारी हुई । उनके मृत्यु के उपरांत हिन्दू समाज के विरुद्ध सुनियोजित हिंसा शुरू हुई । हिन्दू घरों, दुकानों एवं मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है । वीडियो, साक्ष्य व अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ने सत्य उजागर किया , फिर भी बांग्लादेश सरकार कार्यवाही से बच रही है । उन्होंने बताया कि 1941 में जनगणना के अनुसार 28 फीसदी हिन्दू जनसंख्या अब केवल 7-8 फीसदी रह गई । यह हिन्दू-निर्मूलन प्रक्रिया है ।

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