क्षमा याचना से मन हल्का होता है - अखिलेश यादव

लखनऊ 21 जनवरी (वार्ता) उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीते दिनों प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ घटित घटना को लेकर भाजपा सरकार को नसीहत दी है।
श्री अखिलेश यादव ने कहा कि किसी अन्य की गलती के लिए भी यदि कोई व्यक्ति अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हो, तो भी क्षमा मांगने से कोई छोटा नहीं हो जाता। बल्कि क्षमा याचना से मन हल्का होता है और वातावरण में सकारात्मकता आती है।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि महान और विवेकशील लोग जानते हैं कि किसी धृष्टता या अनुचित व्यवहार के पीछे कई बार किसी अन्य व्यक्ति का व्यक्तिगत कारण अथवा स्वार्थ छिपा होता है। ऐसे में बड़े मन से क्षमा स्वीकार करना और स्नेह-आशीर्वाद देना ही महानता का प्रतीक है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति ने सदियों से क्षमा के महत्व को सर्वोच्च स्थान दिया है और इसी भावना को दर्शाते हुए कहा गया है— ''क्षमा वीरस्य भूषणम्।''
उन्होंने कहा कि समाज में शांति, सद्भाव और सम्मान बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। किसी भी धार्मिक-सामाजिक घटना या विवाद को राजनीति अथवा टकराव का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी मानती है कि संवाद, विनम्रता और क्षमाभाव से हर समस्या का समाधान संभव है। उन्होंने अपील की कि सभी पक्ष संयम रखें और सामाजिक समरसता बनाए रखने में सहयोग करें।

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