राष्ट्रध्वज एकता, अखंडता और संप्रभुता, धर्मध्वज आत्मबल को जागृत करता है: महेशाश्रम

प्रयागराज, (दिनेश तिवारी ) अखिल भारतीय डंडी सन्यासी परिषद के संरक्षक  स्वामी महेशाश्रम महराज  ने कहा एक ओर रेती पर  धर्म की ध्वजा लहर रही है, वहीं आज राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर संतो ने शान से  संगम क्षेत्र में स्थित शिविरों में तिरंगा फहराया।

   अखिल भारतीय डंडी सन्यासी परिषद के नागेश्वर धाम में हर्ष और उल्लास के साथ शंखनाद और हर हर महादेव जयघोष के बीच तिरंगा फहराया गया।  इस दौरान श्रद्धालुओं और कल्पवासियों  की उपस्थिति ने वातावरण को भक्ति और शक्ति से भर दिया। 

    उन्होंने राष्ट्रध्वज और धर्मध्वज के गहरे संबंध को समझते हुए कहा,  राष्ट्रध्वज एकता, अखंडता और संप्रभुता जबकि धर्मध्वज  हमारे आत्मबल को जागृत करता है। उन्होंने कहा कि जब ये दोनों शक्तियां मिलती हैं तब  व्यक्ति राष्ट्र के लिए सर्वश्व न्योछावर करने को तैयार हो जाता है।

  अखिल भारतीय डंडी सन्यासी परिषद के अध्य्क्ष ब्रह्मश्रम ने बताया कि नागेश्वर धाम शिविर में गणतंत्र दिवस की परंपरा पिछले 20 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। इसका उद्देजय देश मे रचे जा रहे कुचक्रों को विफल करना है।  इस यजन ने यह संदेश दिया कि  संगम की इस पावन धरती पर तपस्या कर रहे संत न केवल आध्यत्मिक चेतना  बल्कि प्रखर राष्ट्रवाद के  भी प्रहरी हैं।

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