माघ मेला में पर्यटकों की सुविधा के लिए चार पर्यटन सूचना केंद्र स्थापित
लखनऊ, 08 जनवरी (वार्ता) उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में चल रहे माघ मेला 2026 का आयोजन तीन जनवरी से भव्य और दिव्य स्वरूप में किया जा रहा है। आस्था, संस्कृति और सुव्यवस्था का प्रतीक बनता यह मेला अब पर्यटन की दृष्टि से भी नई पहचान गढ़ रहा है। देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने माघ मेला क्षेत्र में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए चार अस्थायी पर्यटन सूचना केंद्र स्थापित किए हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार ये चार अस्थायी पर्यटन सूचना केंद्र परेड ग्राउंड, नागवासुकी मंदिर, प्रयागराज छिवकी जंक्शन रेलवे स्टेशन और अरैल घाट के समीप स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक करीब 20 लाख से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक लाभान्वित हो चुके हैं। इस वर्ष माघ मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज पहुंचने का अनुमान है।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इन सूचना केंद्रों पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रयागराज के प्रमुख पर्यटन स्थलों से संबंधित पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही गाइड बुक, प्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड की सूची, शहर भ्रमण की जानकारी तथा पंजीकृत पेइंग गेस्ट हाउस, धर्मशाला और ठहरने के अन्य विकल्पों की जानकारी भी दी जा रही है।
सूचना केंद्रों पर एलईडी स्क्रीन के माध्यम से माघ मेले, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता अभियान और प्रमुख पर्यटन स्थलों से जुड़े वीडियो प्रदर्शित किए जा रहे हैं। साथ ही सेक्टर मैप लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को विभिन्न सेक्टरों में उपलब्ध सुविधाओं और वहां पहुंचने के मार्ग की जानकारी आसानी से मिल सके।
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृति अभिजात ने कहा कि माघ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विश्वास जताया कि माघ मेला 2026 स्वच्छता, सुरक्षा और सुव्यवस्था के नए मानक स्थापित करेगा।

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