मौनी अमावस्या स्नान पर संगम हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा से में श्रद्धालुओं गदगद

प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) आस्था, विश्वास और संस्कृतियों के संगम में तीर्थराज प्रयाग के माघ मेला के तीसरे सबसे बड़े स्नान पर्व “मौनीअमावस्या” पर शुक्रवार जब साधु-संत, कल्पवासी और श्रद्धालु पतित पावनी गंगा, श्यामल यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाते समय अपने ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा पाकर गदगद हो गये।

     माघ मेला में स्नान करने दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं, साधु-संतों और एक मास का कल्पवास करने वाले कल्पवासियों और श्रद्धालुओ पर जब पुष्प वर्षा  ( गुलाब कि पंखुड़ी) हुई वह एक बार तो अचंभित हुए लेकिन बाद में समझने के बाद उल्लास से भाव-विभोर हो गये। कुछ समय के अन्तराल के बाद श्रद्धालुओं पर गुलाब और गेंदें के फूल के पंखुड़ियों की वर्षा की गयी। उन्होने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने आशीष केे साथ चिरंजीवी का आर्शीवाद भी दिया। साधु-महात्माओं का कहना है कि एक संत ही साधु-महात्माओं की कद्र करना जानते  है। श्रद्धालुओं पर तीन चक्र मे पुष्प  वर्षा किया गया | 

    आसमान से अपने ऊपर से गिरते गुलाब के पंखुड़ी देखकर संत और संन्यासी भले मन ही मन खुश हो लेकिन स्नानार्थी माघ मेला में  ऐसा स्वागत पाकर गदगद हो गए । इस खुशी का स्नानार्थियों ने खुलकर अभिनंदन भी किया। रास्ते भर एक दूसरे से इसकी चर्चा भी करते हैं। प्रयागराज के अभी तक के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब स्नान के समय हेलीकॉप्टर के जरिए कई-कई बार पुष्प वर्षा हो रही है। संगम क्षेत्र में जहां हर कोई डुबकी लगाने को आतुर था,  वहीं पर अपने ऊपर बरसते फूलों को पाने के लिए स्नानार्थी दोनों हाथ ऊपर उठाए खड़े रहे।

     पुष्प वर्षा के दौरान बच्चे से लेकर बुजुर्ग सभी के चेहरे पर अजीब सी खुशी देखी गई। योगी सरकार की संतों के साथ स्नानार्थियों पर पुष्प वर्षा करने के पीछे जो भी मकसद हो,  इतना अवश्य नजर आया कि पहली बार किए गए इस इंतजाम ने लोगों के चेहरे से लंबी दूरी पैदल चलने की थकान को दूर कर दिया।

       मध्य प्रदेश के रीवा निवासी राम सूरत पत्नी रुक्मणी के साथ स्नान करने संगम पहुचे थे | पुष्प वर्षा होने पर उन्होंने बताया कि संगम स्नान करने आये श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा करना किसी भी सरकार की नेक नियति की पहचान है। श्री योगी जिस प्रकार प्रदेश को विकास के मार्ग पर अग्रसर कर रहे हैं उससे धरातल पर उनका कार्य नजर आ रहा है।

        उन्होने कहा कि प्रदेश का सौभाग्य है कि योगी जैसा मुख्यमंत्री मिला। उन्होने वर्ष 2019 में जिस प्रकार दिव्य और भव्य माघ मेले (लघु कुंभ ) का आयोजन कर विश्व में प्रयागराज के साथ हिन्दुस्तान का नाम रोशन किया ऐसा अभी तक किसी भी सरकार में देखने को नहीं मिला। स्वच्छता को लेकर विश्व में इसको जो सराहना मिला वह अपने आप में अद्वितीय रहा।

       मौनी अमावस्या पर भारतीय ही आस्था कि डुबकी  नहीं लगा रहे बल्कि विदेशी लोगों को भी आश्चर्यचकित होते देखा गया | संगम मे आस्था कि डुबकी लगाने वाली  इटली कि लुक्रेशिया भी अपने पिता पेरांजल के साथ आनंद ले रही हैं | लुक्रेशिया कि हिन्दी बहुत ही विचित्र है, वह किसी प्रकार टूटी फूटी हिन्दी से काम चलती है| उसकी हिन्दी को सवाल के हिसाब से खुद ही समझना पड़ता है | उसके फर्राटेदार अंग्रेजी मे बात करते हुए पुष्प वर्षा पर बताया कि  “ वॉऊ वांडेरफुल, इन इंडिया, दिस ऑल्सो हपन्स टू दोज हू डिप इन गंगा , काँट अमेज़ीन|”

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