कर्तव्य पथ पर तीनों सेनाओं की झांकी में दिखाई देगी 'ऑपरेशन सिंदूर' की ताकत की झलक


नयी दिल्ली 23 जनवरी (वार्ता) गणतंत्र दिवस पर तीनों सेनाओं की झांकी में 'ऑपरेशन सिंदूर' की मारक क्षमता की झलक दिखाई देगी। 'ऑपरेशन सिंदूर: संयुक्तता के माध्यम से विजय' थीम पर आधारितयह झांकी राष्ट्र के विकसित सैन्य सिद्धांत का प्रभावशाली और सशक्त चित्रण होगी जो सटीकता, एकीकरण और स्वदेशी श्रेष्ठता की दिशा में निर्णायक परिवर्तन को दर्शाती है। इसमें भारत की ओर से सख्त संदेश भी दिया गया है कि निर्णायक, संयुक्त और आत्मनिर्भर सैन्य शक्ति का युग आ चुका है।
ऑपरेशन सिंदूर ने आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती ताकत और विकसित भारत 2047 की दिशा में राष्ट्र की अडिग प्रगति को प्रतिबिंबित किया। यह भविष्य आत्मनिर्भर, समन्वित और अटूट रक्षा क्षमताओं से परिभाषित है। यह झांकी तीनों सेनाओं के समन्वय की इस कहानी को गतिशील और क्रमबद्ध प्रस्तुति के माध्यम से जीवंत करती है।
झांकी का अग्रिम भाग नौसेना के समुद्री प्रभुत्व को दर्शाता है, जो समुद्री मोर्चे पर नियंत्रण स्थापित करते हुए शत्रु को किसी भी प्रकार की संचालन स्वतंत्रता से वंचित करता है। इसके बाद यह दृश्य भारतीय सेना के अडिग संकल्प में परिवर्तित होता है, जहां एम777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोपें सटीक और संतुलित मारक क्षमता के साथ शत्रुतापूर्ण मंसूबों को निष्क्रिय करती हैं। इनके पीछे प्रहरी की तरह खड़ी आकाश वायु रक्षा प्रणाली भारत की बहुस्तरीय और एकीकृत वायु सुरक्षा ढाल तथा अभेद्य आकाशीय सुरक्षा को दर्शाती है।
झांकी के केंद्र में सेनाओं मारक क्षमता की झलक है जो राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत के नए सामान्य स्वरूप त्वरित प्रतिक्रिया, नियंत्रित और अटल सटीकता को प्रतिबिंबित करती है। लोइटरिंग म्यूनिशन शत्रु के वायु रक्षा रडार को नष्ट करता है, जो मानव रहित सटीक युद्ध क्षमता में भारत की मजबूती को प्रदर्शित करता है। इसके बाद स्कैल्प मिसाइलों से लैस राफेल विमान आतंकवादी ढांचे पर सर्जिकल स्ट्राइक करता है। इसके साथ ही गति और तीव्रता बढ़ती है जब सुखोई 30 ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का प्रक्षेपण कर मजबूत विमान आश्रयों को नष्ट करता है, जो भारत की गहराई तक, तेज और पूर्ण सटीकता से प्रहार करने की क्षमता का स्पष्ट प्रमाण है।
एस 400 वायु रक्षा प्रणाली 350 किलोमीटर की दूरी पर सबसे लंबी दूरी की कार्रवाई करते हुए शत्रु के एयरबोर्न अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म को निष्क्रिय कर देती है और एक स्पष्ट संदेश देती है कि भारत पहले देखता है, पहले निर्णय लेता है और पहले नष्ट करता है।
ऑपरेशन सिंदूर का प्रत्येक चरण संयुक्तता और एकीकरण की परिपक्वता को रेखांकित करता है, जहां सभी क्षेत्रों से खुफिया जानकारी का समन्वय, लक्ष्यों का सटीक चयन और न्यूनतम क्षति के साथ उद्देश्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाती है। यह कथा राष्ट्रीय संकल्प को दृढ़ता से स्थापित करती है कि आतंकवाद और खून एक साथ नहीं बह सकते और जो आतंकवाद को प्रायोजित या शरण देते हैं उन्हें त्वरित, सटीक और प्रचंड परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
ब्रांड इंडिया डिफेंस से सशक्त यह झांकी दर्शाती है कि स्वदेशी रक्षा प्रणालियां केवल बराबरी नहीं कर रहीं, बल्कि नेतृत्व कर रही हैं। यह ऐसे राष्ट्र को प्रस्तुत करती है जहां त्रि-सेवा अंतरसंचालनीयता, नागरिक सैन्य समन्वय और वास्तविक समय में संचालनात्मक तालमेल विश्वसनीय शक्ति प्रदर्शन की आधारशिला हैं। झांकी में यह बताया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर केवल सैन्य प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि यह भारत की रणनीतिक घोषणा है कि संयुक्तता के माध्यम से विजय अब उसकी परिचालन पहचान और निर्णायक हस्ताक्षर बन चुका है।

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