अचला सप्तमी पर संगम मे लाखों श्रद्धालुओं ने किया स्नान
संगम नोज समेत माघ मेला के घाटों पर रात से ही दर्शनार्थियों की भीड़ से मेला गुलजार हो गया था । श्रद्धालुओं ने भोर से ही डुबकी लगानी शुरू कर दी। जिस ओर से श्रद्धालु पहुंचे उधर के ही घाट पर स्नान किया। गंगा यमुना सरस्वती की जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने पूजन अर्चन किया। भीड़ की वजह से लोग एक दूसरे का हाथ पकड़ कर चल रहे हैं। राम नाम संकीर्तन करने वाली भजन मंडलीय श्रद्धालुओं में भक्ति भाव का संचार पैदा कर रही थी। संगम तट पर आस्था, विश्वास और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। हालांकि , सुबह कोहरे व धुंध के कारण श्रद्धालुओं को सूर्यदेव के साफ दर्शन नहीं हो सके।
रविवार छुट्टी का दिन होने के कारण बड़ी संख्या में स्थानीय लोगो भी पहुंचे थे । इसके अलावा दूसरे जिलों से श्रद्धालु पहुंच रहे थे । संगम पहुंचने के हर मार्ग पर भक्तों की भीड़ दिख रही है। स्नान के बाद श्रद्धालु श्री बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। जगह.जगह भंडारे का आयोजन चल रहा हैं।
प्रदेश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारियां की गई हैं। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम सहित 24 से अधिक घाटों पर लाखों श्रद्धालु स्नान करने पहुंचे । वसंत पंचमी पर आए लाखों श्रद्धालु अभी भी मेला क्षेत्र के शिविरों में ठहरे हुए हैं जो अचला सप्तमी स्नान के बाद वापसी करेंगे।
पुलिस अधीक्षक (माघ मेला ) नीरज पांडेय के अनुसार केवल एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों को ही आवागमन की अनुमति होगी। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपने वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करें। पांटून पुल संख्या एक और दो को रिजर्व रखा गया है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के खास इंतजाम हैं। मेले में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। घाट पर पुलिस, पैरामिलिट्री, पीएसी और सिविल डिफेंस, गोताखोर लोग तैनात हैं। जवान मोटर बोट पर लगातार गश्त लगा रहे थे| श्रद्धालुओं को निर्धारित सीमा के भीतर ही रहने के लिए जल पुलिस लगातार सचेत कर रही थी | घाट किनारे डीप वाटर जोन के लिए प्लास्टिक से एक रोप लगाई गई है |

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