संतों की हुंकार , बंटेंगे नहीं , एकजुट होकर हर चुनौती का करेंगे प्रतिकार


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) माघ मेले में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के शिविर में बुधवार को आयोजित विराट संत सम्मेलन में संतों ने हिंदू समाज की एकजुटता और स्वाभिमान का शंखनाद किया।

      माघ मेले में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) शिविर में बुधवार को आयोजित विराट संत सम्मेलन में संतों ने हिंदू समाज की एकजुटता और स्वाभिमान का शंखनाद किया। दीप प्रज्वलन और विजय महामंत्र के जाप के साथ शुरू हुए इस सम्मेलन में देश भर से आए शीर्ष संतों ने धर्मांतरण , लव जिहाद , मंदिरों के सरकारी अधिग्रहण और बांग्लादेश में हो रहे अत्याचारों पर कड़ा रुख अख्तियार किया। 

विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि मंदिरों के अधिग्रहण का मुद्दा अत्यंत गंभीर है। उन्होंने मांग की कि यदि अल्पसंख्यक अपने संस्थान अपनी मर्जी से चला सकते हैं, तो हिंदू समाज को अपने मंदिर और गुरुकुल चलाने का अधिकार क्यों नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिरों का धन गौशालाओं, गुरुकुलों और हिंदू समाज की गतिविधियों का केंद्र बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदू अहिंसक है, लेकिन अगर कोई चढ़ेगा तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं।

      इस दौरान संतों ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों की निंदा की।

      सम्मेलन केंद्रीय संत समिति के महामंत्री जितेन्द्रानंद सरस्वती ने आंकड़ों के साथ समाज को सचेत किया। उन्होंने कहा कि 2011 से अब तक पादरियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि और हजारों करोड़ के नशीले पदार्थों का जाल हिंदू समाज को तोड़ने की साजिश है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के स्वाभिमान से खिलवाड़ हुआ तो हिंदू समाज स्वयं अपनी लड़ाई लड़ेगा।

      संत सम्मेलन में काशी सुमेरु पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि इस मंच पर वैष्णव, शैव और डंडी स्वामियों की मौजूदगी यह संदेश देती है कि हम अब बंटने वाले नहीं हैं। उन्होंने जोर दिया कि संस्कार और एकता ही धर्मांतरण जैसी समस्याओं का समाधान हैं। सम्मेलन में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि धर्म शत्रु और राष्ट्र शत्रु से सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने समान नागरिक संहिता और एक देश, एक निशान और एक विधान का पुरजोर समर्थन किया।       

  इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज , काशी प्रांत अध्यक्ष केपी सिंह , संगठन मंत्री नितिन , डॉ राज नारायण , स्वामी दुर्गा दास और आद्या शंकर आदि मौजूद रहे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपा अध्यक्ष को लगता है कि मुसलमान उनकी जेब में हैं: मायावती

हार-जीत से बड़ा है सक्षम बनना

24 जुलाई 2026 को चंद्रमा दिखाई देगा अन्टारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र के योगतारा) के पास