अखिलेश ने एसआईआर की निष्पक्षता पर फिर जताया संदेह

लखनऊ 02 जनवरी (वार्ता) समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की निष्पक्षता पर संदेह व्यक्त करते हुये कहा कि यदि मतदाताओं की संख्या में राज्य निर्वाचन आयोग और केंद्रीय निर्वाचन आयोग के आंकड़ों में फर्क आता है तो एसआईआर अभियान का कोई अर्थ नहीं रह जायेगा। पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में कार्यकर्ताओं की नव वर्ष की बधाई को स्वीकार करते हुये उन्होने कार्यकर्ताओं और नेताओं से कहा कि वे बूथ स्तर पर पार्टी को और मजबूत करने में जुट जायें। मतदाता सूची को लेकर हो रहे एसआईआर पर पूरी नजर रखे। जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया हो उन्हें शामिल करायें। सभी लोग सतर्क और सावधान रहें। जिस समय मुख्यमंत्री योगी ने कहा था कि चार करोड़ वोट कट गये हैं, उसी समय उन्होंने अधिकारियों को बेईमानी करने का संदेश दिया था। श्री यादव ने कहा “ इस समय जिस तरह के डेटा और आंकड़े आये हैं, उसमें चुनाव आयोग और अधिकारियों को अपनी क्रेडिबिलटी साबित करनी है। हमें उम्मीद है चुनाव आयोग, मैपिंग एप और जो कम्पनियां चुनाव आयोग का तकनीकी रूप से मदद कर रही हैं, वह निष्पक्ष होंगी। अगर मतदाताओं की संख्या के आंकड़ों में फर्क आता है राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़े दूसरे हैं और केन्द्रीय निर्वाचन आयोग के आंकड़े दूसरे हैं तो एसआईआर का क्या मतलब रह गया।”
उन्होने कहा कि भाजपा बेईमान पार्टी है। भाजपा हर स्तर पर बेईमानी और भ्रष्टाचार करती है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और पीडीए प्रहरी एसआईआर और मतदाता सूची पर पूरी नज़र रखें।

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