पालकी से ही जाऊंगा नहाने: अविमुक्तेश्वरानंद
माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन हुई घटना के बाद पुलिस प्रशासन से नाराज शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि वह स्नान करने पालकी से ही जाएंगे और प्रशासन जब तक लिखित रूप से माफी नहीं मांग लेता वह अपनी जगह से नहीं उठेंगे।
शंकराचार्य ने कहा कि वह अपने शिविर के सामने सड़क के किनारे बैठे हैं। जब तक अधिकारी सार्वजनिक रूप से माफी नही मांगेगे तब तक जहां प्रशासन ने छोड़ा वहीं बैठा रहूंगा। उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या के दिन उनकी हत्या कि साजिश थी।
उन्होंने पुलिस पर साधु संतों को पीटे जाने का आरोप लगाते हुए इस पूरी घटना के लिए पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार , मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल , गृह सचिव मोहित गुप्ता और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की फोटो दिखाते हुए उन्हें जिम्मेदार ठहराया है।
शंकराचार्य ने सीओ विनीत सिंह की फोटो दिखाते हुए आरोप लगाया कि संगम नोज पर जिन साधु संतों को पुलिस ने हिरासत में लिया, उन्हें विनीत सिंह ने पीट.पीट कर घायल किया। उन्होंने कहा कि वह धरने पर नहीं बैठे हैं। प्रशासन उन्हें जहां छोड़ गया था वह वहीं विराजमान हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि माघ मेले में संगम स्नान के लिए चारों शंकराचार्य के लिए प्रोटोकॉल बनना चाहिए ताकि शंकराचार्य पालकी पर जाकर स्नान कर सकें।
उन्होंने पुलिस पर साधु संतों को पीटे जाने का आरोप लगाते हुए इस पूरी घटना के लिए पुलिस आयुक्त जोगिंदर कुमार , मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल , गृह सचिव मोहित गुप्ता और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की फोटो दिखाते हुए उन्हें जिम्मेदार ठहराया है।
ज्योतिष्पीठाधीश्वर ने कहा कि कुछ साधु को सुविधा देंगे और कुछ का अपमान कर उनको दो फाड़ मे बटन चाहते हैं तो ये उनकी गलत फहमी है| संत कभी दो फाड़ मे नहीं है, हम सब एक हैं। यहाँ हमने गौ रक्षा प्रेरणा यात्रा प्रारंभ किया है, उसको जारी रखगे| उन्होंने कहा हम मेले मे गौ रक्षा के लिए संतों के कैम्प- कैम्प जाकर संतों को प्रेरणा दिला रहे हैं, उसको दिलाते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि चैत्र सत्र कि शीतला सप्तमी और अस्तमी (10 और 11 मार्च ) को दिल्ली मे संतों को अपनी एकजुटता दिखने के लिए आमंत्रित करते हैं। उन्होंने कहा कि क्या संत चापलूस होगा या संत सनातन धर्म के साथ खड़े होने के लिए तैयार होगा। शंकराचार्य ने कहा कि उनपर हमला गो रक्षा कि बात करने कि लिए किया गया है ।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकारे अपने कार्यकाल मे गौ हत्या, गौ मांस के व्यापारी को अपने कार्यकाल मे बढ़ावा दे रही हैं। गौ मांस विक्रेताओ से चंद ले रही हैं, इसलिए वो नहीं चाहते कि कोई साधु संत गौ माता की रक्षा कि बात करे , लेकिन हम कर रहे हैं।
प्रयागराज माघ मेले में ज्योतिष पीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद प्रयागराज की कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने मेला प्राधिकरण स्थित आईसीसीसी मे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि स्नान करने से किसी कि नहीं रोका गया है। संत हमारे पूज्यनीय और वंदनीय है। साधु, संतों और कल्पवासियों का यह मेल है। सभी लोग सुगमता के साथ आकर स्नान करे।कभी भी किसी को स्नान करने से नहों रोका गया है । प्रशासन द्वारा कि गई व्यवस्था का पालन करना हम सभी का फर्ज है। व्यवस्था मैन्टैन करना सभी के हित मे जिससे किसी प्रकार कि अनहोने नहीं हो।
माघ मेला अधिकारी ऋषि राज ने 18 अक्टूबर 2022 के उच्चतम न्यायालय का हवाला देते हुए बताया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को किसी भी तरह का प्रोटोकॉल देने से मना किया गया है। तब से लेकर अनवरत रूप से अब तक मेल प्राधिकरण अथवा मेला प्रशासन द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य के रूप मे प्रोटोकॉल नहीं दिया गया है, चाहे वह भूमि आवंटन हो, अथवा सुविधा हो। जैसे स्वामी जी मेला प्रशासन से जो मांग कर रहे है, ऐसा करने से उच्चतम न्यायालय के आदेशों कि अवहेलना होगा।
उन्होंने बताया कि स्वामी जी द्वारा प्रशासन के किसी भी निर्देश का पालन नहीं किया गया जब कि उच्च अधिकारी उनसे लगातार पैदल चल कर सन्नान करने का अनुनय विनय करते रहे लेकिन उन्होंने अस्वीकार कर दिया | एक दिन पहले वाहनों की अनुमति मांगी गई थी, जिसे प्रशासन ने स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया था।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार ने भी प्रशासन का पक्ष रखा।

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