प्रदेश में 222 अति संवेदनशील और 683 संवेदनशील परीक्षा केंद्र चिह्नित

प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रदेश भर के 8033 परीक्षा केंद्रों में से 222 अति संवेदनशील और 683 संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया है जबकि वर्ष 2025 की बोर्ड परीक्षा में 306 परीक्षा केंद्रों को अति संवेदनशील और 692 को संवेदनशील घोषित किया गया था।

यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से प्रारंभ होंगी। इसमें हाईस्कूल के 27 लाख 50 हजार 945 और इंटरमीडिएट के 24 लाख 79 हजार 352 परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे । इस प्रकार कुल 52 लाख 30 हजार 297 से अधिक परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में भाग लेंगे। परीक्षा को नकल विहीन बनाने के उद्देश्य से माध्यमिक शिक्षा परिषद ने प्रदेश के सभी जिलों से संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों की सूची तलब की थी। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर 222 अति संवेदनशील और 683 संवेदनशील केंद्रों को चिन्हित कर विशेष कार्य योजना तैयार की जा रही है। वहीं 18 जिले संवेदनशील श्रेणी में

 प्रदेश के 18 जिलों को भी संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, जहां पूर्व वर्षों में सामूहिक नकल और अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। हालांकि, यह भी चर्चा है कि संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों के चयन में कुछ जिलों में ऐसे विद्यालयों को भी सूची से बाहर रखा गया है, जहां पूर्व में नकल की शिकायत रही हैं। इस पर परिषद स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।

माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया कि यूपी बोर्ड नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए कृतसंकल्प है| उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर नकल नहीं होने दी जाएगी। पिछले वर्ष नकल कराने के आरोप में दोषी पाए गए शिक्षकों और परीक्षा केंद्रों को डिबार किया जा चुका है और इस वर्ष भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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