सच्चा बाबा आश्रम में 50 बटुकों का उपनयन संस्कार
इस कार्यक्रम में बटुक ब्रह्मचारियों ने वैदिक विधि विधान और मंत्रोच्चार के साथ जनेऊ धारण किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने आध्यत्मिक और संयमित जीवन की सुरुआत किया।
आश्रम के महंत एवम सरंक्षक स्वामी डॉक्टर चंद्र देव महाराज ने किया। उन्होंने बटुकों को मंत्र दीक्षा देते हुए यग्योपवीत संस्कार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह संस्कार सनातन संस्कृति के 16 संस्कारों में से एक है, जो बालक को ज्ञान , अनुशासन और आत्मसंयम की ओर अग्रसर करता है।
स्वामी चंद्र देव महाराज में बटुकोंको गायत्री मंत्र की महत्ता समझाई और उन्हें त्तिकाल संध्या , स्वाध्याय तथा सदाचार का पालन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्कार बच्चों को आधुनिक युग मे संस्कृति से जोड़ने में सशक्त माध्यम है जो उनमे ब्रह्मचर्य, सेवा और साधना की भावना विकसित करता है।
उपनयन संस्कार कार्यक्रम में बटुक ब्रह्मचारियों के परिजन, विद्वान, आचार्यगण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। पूरे परिसर में वेद मंत्रों की गूंज से धार्मिक वातावरण बना रहा।

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