बजट में विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना : अमित शाह

नयी दिल्ली, 01 फरवरी (वार्ता) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने केंद्रीय बजट को विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना बताते हुये इसे हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर नागरिक सशक्त बनाने का ब्लूप्रिंट करार दिया है।

श्री शाह ने रविवार को एक्स पर बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुये लिखा कि बजट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साबित कर दिया कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत का नारा हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि इस बजट में न सिर्फ हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर नागरिक को सशक्त बनाने का एक स्पष्ट ब्लूप्रिंट है, बल्कि उसे प्रोत्साहन देने का एक जमीनी विजन भी है, जो उसे हर कदम पर मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट एक ऐसे भारत के निर्माण की परिकल्पना है, जो विश्व में हर क्षेत्र में अग्रणी हो।
श्री शाह ने कहा कि बजट में विनिर्माण ,आधारभूत ढांचे, स्वास्थ्य ,पर्यटन तक, ग्रामीण क्षेत्रों, एआई , खेल क्षेत्र हर गाँव, हर कस्बे और हर शहर के युवाओं, महिलाओं तथा किसानों के सपनों को शक्ति देकर उन्हें पूरा करने की बात कही गयी है। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण और अगले 25 वर्षों के रोडमैप को दर्शाने वाले इस बजट के लिए प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का हर भारतवासी की तरफ से अभिनंदन किया गया है।
श्री शाह ने कहा कि बजट में पशुधन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने का एक दूरदर्शी निर्णय लिया गया है। इसमें पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने, वेटरनरी सेंटरों और ट्रेनिंग सेंटरों के विस्तार से पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी देने, 500 सरोवरों के विकास से मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने जैसे निर्णय मोदी सरकार के किसानों की आय बढ़ाने के संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
श्री शाह ने कहा कि बजट में महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के स्वप्न को साकार करने की दिशा में 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना' की शुरुआत का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और बुनकरों, किसानों तथा हथकरघा उद्योग को नया संबल प्राप्त होगा। तटीय क्षेत्रों में कोकोनट प्रमोशन स्कीम से तीन करोड़ किसानों को लाभ, काजू-कोको के उत्पादन एवं निर्यात को बढ़ावा और चंदन संरक्षण का निर्णय यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री किसानों की समृद्धि तथा कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

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