जानवरों से फैलने वाली बीमारियों को लेकर बनाई जा रही है ठोस रणनीति
कमेटी की बैठक के दौरान जूनोटिक बीमारियों की रोकथाम को लेकर ड्रिक्ट्रिक्ट एक्शन प्लान बनाने को लेकर चर्चा की गई। सहयोगी संस्था जपाइगो की मदद से हुई इस बैठक में बीमारियों पर नियंत्रण के साथ-साथ सर्विलांस और इनसे निपटने की तैयारियों के बारे में भी बात हुई। रैबीज और एवियन इंफ्लुएंजा के लिए कन्वर्जेंस मॉडल पर काम करने के लिए बैठक में खासतौर पर सभी हितधारकों के बीच सहमति बनी।
सीएमओ गोरखपुर डॉ राजेश झा ने बताया कि प्रदेश में पीलीभीत के अलावा गोरखपुर जिले में इस प्रकार के कन्वर्जेंस मॉडल पर काम किया जा रहा है। इससे पहले भी कमेटी की एक बैठक हो चुकी है। इन बैठकों और चर्चाओं का उद्देश्य ऐसी ठोस कार्य योजना तैयार करना है जिसके माध्यम से जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम की जा सके। कन्वर्जेंस मॉडल के जरिये पूर्वी उत्तर प्रदेश में जापानीज इंसेफेलाइटिस को नियंत्रित किया जा चुका है, जो एक जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारी रही है। अन्य बीमारियों पर भी प्रभावी रोकथाम के प्रयास किए जा रहे हैं।
एनसीडी को लेकर हुआ प्रशिक्षण
सीएमओ ने बताया कि गैर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए भी जिले में क्षमता संवर्धन कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शहर के होटल रमाडा में मंगलवार को एक क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके जरिये प्रयास किया जा रहा है कि बीपी, शुगर और कैंसर जैसे गैर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रयास किये जा सकें।
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