भाजपा की नीयत पहले भी खराब थी और अब भी खराब : अखिलेश यादव
लखनऊ 25 फरवरी (वार्ता) उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर मतदाताओं को नोटिस भेजना भाजपा का “वोटबंदी अभियान” है, जैसा पहले नोटबंदी के समय हुआ था। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीयत पहले भी खराब थी और अब भी खराब है।बुधवार को जारी बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि पहले केवल मुसलमानों को कागजों के नाम पर परेशान किया जाता था, लेकिन अब हिंदुओं को भी लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब वोट के आधार पर नागरिकता तय की जाएगी और लोगों को उनके खेत, जमीन और मकान से बेदखल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस और नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन के परिजनों तक को सूची से बाहर कर दिया गया, तो आम लोगों का क्या होगा। उन्होंने आशंका जताई कि अगर लोगों के पास वोटर कार्ड नहीं होगा तो वे अपने अधिकार, विरासत और संपत्ति को लेकर असुरक्षित महसूस करेंगे और तनाव में रहेंगे।
सपा प्रमुख ने भाजपा पर जनाधार खोने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी अपनी बेईमानी, गलत नीतियों, महंगाई और बेरोजगारी के कारण जनता का विश्वास खो चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा अब धांधली के सहारे राजनीति करना चाहती है।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि यह पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के वोट काटने की साजिश है। उन्होंने पीडीए प्रहरियों और बीएलओ से अपील की कि वे सतर्क रहें और सुनिश्चित करें कि एक भी सही वोट न कटे और कोई भी गलत वोट सूची में न जुड़ पाए।

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