लोकसभा में रवि किशन का असर, गोरखपुर की पंचायतें पूरी तरह डिजिटल
केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने सदन को अवगत कराया कि ई-ग्रामस्वराज–PFMS इंटरफेस के माध्यम से ग्राम पंचायतों में वित्तीय लेन-देन ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेज़ी आई है। यह पहल ग्राम स्तर पर सुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
डिजिटल ग्राम स्वराज की ओर बड़ा कदम
मंत्री ने बताया कि यह बदलाव राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के तहत चलाए जा रहे व्यापक डिजिटल प्रशिक्षण का परिणाम है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान उत्तर प्रदेश में 2,61,263 से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों को डिजिटल गवर्नेंस, GIS/मैप आधारित योजना निर्माण, MIS प्रणाली और ई-ग्रामस्वराज पोर्टल का प्रशिक्षण दिया गया है।
सरकार द्वारा कराए गए मूल्यांकन में यह सामने आया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से
* योजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया में उल्लेखनीय समय की बचत हुई है,
* पंचायत स्तर पर प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ी है,
* वित्तीय प्रबंधन अधिक अनुशासित हुआ है,
* और ग्रामीण जनता को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार आया है।
सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी बना डिजिटल गवर्नेंस का मॉडल
केंद्र सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। ग्राम पंचायतों की सख़्त मॉनिटरिंग, तकनीक के प्रभावी उपयोग और जवाबदेही तय करने की नीति ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया है और योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीण जनता तक पहुंचाया है।
प्रश्न के उत्तर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सांसद रवि किशन शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा,“प्रधानमंत्री मोदी की डिजिटल इंडिया की सोच और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन मॉडल के कारण गोरखपुर की ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और विकास को नई गति मिली है। आज गांवों में शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनी है।”
उन्होंने विश्वास जताया कि डिजिटल गवर्नेंस से ग्रामीण शासन व्यवस्था आने वाले समय में और अधिक सशक्त होगी।
देश के लिए बनेगा गोरखपुर मॉडल
विशेषज्ञों का मानना है कि गोरखपुर में डिजिटल पंचायत व्यवस्था की सफलता देश के अन्य ज़िलों के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकती है। यह पहल प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री योगी के आत्मनिर्भर व सुशासित उत्तर प्रदेश की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार कर रही है।

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