हर्ट अटैक के मरीजों की जान बचाएगा स्टेमी नेटवर्क
महानिदेशक प्रशिक्षक डॉ रंजना खरे, एडी हेल्थ डॉ जयंत कुमार, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ राम कुमार जायसवाल, सीएमओ डॉ राजेश झा, जेडी ट्रेनिंग डॉ कमलेश यादव और कॉलेज के ह्रदय रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ अजहर की मौजूदगी में प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ। दोनों मंडलों के एफआरयू के चिकित्सा अधिकारी, स्टॉफ नर्स और फार्मासिस्ट प्रशिक्षित किये गये हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य हर्ट अटैक के मामलों की शीघ्र पहचान, प्रबंधन और उचित उपचार देना है।
प्रशिक्षण के जरिये बताया गया कि हर्ट अटैक के मामलों में गोल्डेन ऑवर में ही प्राथमिक हस्तक्षेप किया जाना चाहिए। मरीज को यथाशीघ्र अस्पताल पहुंचाना है। वहां पर इसीजी करने के बाद स्टेमी नेटवर्क वाट्स एप ग्रुप में मरीज की रिपोर्ट डाल दी जाएगी। हब से मिले निर्देशों के अनुसार थम्ब्रोलिसिस की प्रक्रिया पूरी कर मरीज सरकारी एम्बुलेंस की सहायता से हब पर भेजे जाएंगे। मरीज की पूरी डिटेल वाट्स एप ग्रुप के जरिये हब पर पहले से पहुंच जाएगी। इस तरह प्राथमिकता के साथ इलाज मिलने से मरीज की जान बचाना आसान होगा।
कार्यक्रम के आयोजन में डिप्टी सीएमओ डॉ अश्वनी चौरसिया और डॉ एसके मिश्रा ने विशेष सहयोग दिया। इस दौरान सीपीआर के बारे में भी सभी को प्रशिक्षित किया गया और बताया गया कि लोगों को हर्ट अटैक के मामलों में गोल्डेन ऑवर के बारे में विशेष तौर पर जागरूक करना है।
एएनएमटीसी का किया निरीक्षण
महानिदेशक प्रशिक्षण डॉ रंजना खरे ने एएनएमटीसी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही एएनएम के साथ संवाद किया। डॉ खरे ने सीएमओ को निर्देश दिया कि वह सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं जिनके जरिये गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जा सके।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें