शताब्दी वर्ष में देश में छः हजार तो काशी प्रांत में 116 शाखाएं बढ़ी


प्रयागराज, (दिन तिवारी )शताब्दी वर्ष में सकारात्मक सोच के साथ संघ और समाज के समन्वय से काशी प्रांत में समाज परिवर्तन की दिशा में अच्छा परिणाम मिला है।

        हरियाणा के समालखा में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा  में भाग लेकर लौटे संघ के प्रांत कार्यवाह मुरली पाल एवं प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ मुरारजी त्रिपाठी ने मंगलवार को प्रेस के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि 6000 की वृद्धि के साथ देश में  88989  शाखाएं   तथा काशी प्रांत में 116 शाखाओ की वृद्धि के साथ 2967 शाखाएं हो गई है।प्रांत के सभी न्याय पंचायतों में शाखा पहुंच गई है।

       शताब्दी वर्ष में सकारात्मक सोच के साथ संघ और  समाज के समन्वय से काशी प्रांत में समाज परिवर्तन की दिशा में अच्छा परिणाम दिखाई दे रहा है। 

   उन्होंने बताया कि  प्रतिनिधि सभा में प्रस्तुत किए गए वृत्त के अनुसार काशी प्रांत के सभी 155 खंडों और 115 नगरों में संघकार्य है। कुल 1504 न्याय पंचायतो में से 1438 में शाखाएं और शेष में मिलन के कार्य है। प्रांत के कुल नगरों में 1044 बस्तियां है और सभी में शाखाएं मिलन और मंडली चल रही है। गतवर्ष काशी प्रांत में 2851 शाखाएं थी तो इस वर्ष 116 की वृद्धि के साथ कुल 2967 शाखाएं संचालित हो रही हैं।

         प्रान्त प्रचार प्रमुख  डॉक्टर मुरार जी त्रिपाठी ने बताया कि इस वर्ष देश भर में चल रहे संघ के शताब्दी वर्ष में प्रान्त में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए जिसमें 2102 हिन्दू सम्मेलन हुए। घर.घर सम्पर्क अभियान के अन्तर्गत स्वयंसेवकों ने 3198841 घरों में सम्पर्क किया। अभियान के अन्तर्गत 2 लाख संघ साहित्य वितरित किये गये एवं 3124275 कर पत्रक वितरित किये गये। इस अभियान हेतु 16512 टोलियों का गठन किया गया।  संगठन की योजनातंर्गत गठित सभी 27 जिलों के 269 स्थानों पर 560 युवा सम्मेलन हुए। जिसमें 376 सम्मेलन विद्यार्थियों एवं 184 सम्मेलन युवा व्यावसायियों के मध्य हुए। युवा कार्यक्रम में कुल 53032 विद्यार्थी एवं 20342 व्यावसायी उपस्थित रहें। 

      उन्होंने बताया कि प्रान्त में सद्भाव बैठकें 240 स्थानों पर सम्पन्न हुई जिसमें 14434 पुरुष एवं 2025 मातृशक्ति समेत कुल 16459 लोग उपस्थित रहें।

     वर्ष 2027 से देश भर में 46 प्रान्त रचना के स्थान पर 85 सम्भाग अस्तित्व में आयेंगे। वर्तमान उत्तर प्रदेश राज्य एवं उत्तराखण्ड एक क्षेत्र के रूप में जाना जाएगा। इस योजना के अन्तर्गत वर्तमान काशी प्रान्त जिसमें संघ दृष्टि से 27 जिले तथा 7विभाग  है , को 2  सम्भागो मे  विभक कर दिया जायेगा।अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा ने इस पर अपनी मुहर लगा दी है।

       प्रांत प्रचार प्रमुख ने बताया कि शताब्दी वर्ष में संघ का विस्तार अंडमान निकोबार द्वीप समूह तथा अरुणाचल प्रदेश एवं लेह लद्दाख तक हो गया है। अंडमान के नौ द्वीपों में  13000 से अधिक लोग सरसंघचालक जी की उपस्थिति में हुए हिंदू सम्मेलन में शामिल हुए।अरुणाचल में 21 सम्मेलनों में 37000 से अधिक लोग आए।

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