प्रयागराज में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा , दो प्रमुख मंदिरों के पर्यटन विकास पर खर्च होंगे 3 .46 करोड़ रुपए
प्रयागराज, ( दिनेश तिवारी) उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयागराज के दो पर्यटन स्थल जिसमे एक करछना स्थित फलाहारी बाबा मंदिर और सोरांव तहसील के दुर्गा मंदिर देवी धाम पचदेवा के पर्यटन विकास व सौंदर्यीकरण के लिए 3 करोड़ 46 लाख रुपए से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि तीर्थ नगरी प्रयागराज श्रद्धालुओं और देश.विदेश से आने वाले सैलानियों के लिए बड़ा आकर्षण का केंद्र है। पर्यटन विभाग लोकप्रिय तीर्थस्थलों के साथ.साथ कम प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इसी कड़ी में करछना स्थित फलाहारी बाबा मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 1 करोड़ 64 लाख रुपए से अधिक तथा सोरांव तहसील के दुर्गा मंदिर , देवी धाम पचदेवा के सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 1 करोड़ 82 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है।
उन्होंने बताया कि फलाहारी बाबा मंदिर विकास के लिए 40 लाख रुपए और सोरांव तहसील स्थित दुर्गा मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 45 लाख रुपए की पहली किस्त जारी कर दी गई है। इस परियोजना के तहत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके अलावा आधुनिक लाइटिंग , भव्य प्रवेश द्वार , श्रद्धालुओं के लिए यात्री शेड, स्टाम्प फ्लोरिंग युक्त मार्ग, बैठने हेतु बेंच, स्वच्छ शौचालय, पेयजल की व्यवस्था, डस्टबिन साइनेज और म्यूरल आर्ट जैसे कार्य कराए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने बताया कि तीर्थ नगरी प्रयागराज धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर विशिष्ट पहचान बना चुका है। संगम नगरी सदियों से आस्था और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र रही है। यह क्षेत्र स्पिरिचुअल ट्रायंगल (प्रयागराज.अयोध्या.काशी) का अभिन्न अंग है। विभागीय प्रयास है कि लोकप्रिय के साथ अल्पज्ञात या कम चर्चित स्थलों के समग्र विकास भी सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में करीब 69 करोड़ आगंतुकों ने जनपद का भ्रमण किया। माघ मेला.2026 के भव्य आयोजन में भी करीब 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन जिले के बढ़ते पर्यटन परिदृश्य का सकारात्मक चित्र प्रस्तुत करता है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें