हिन्दू राष्ट्र के लक्ष्य को साकार करने हेतु संगठित हों: . हिन्दू जनजागृति समिति’


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) हिन्दू राष्ट्र कोई भौगोलिक सीमा को दर्शाने वाली संकीर्ण सोच या अवधारणा नहीं है । हिन्दू राष्ट्र हमारी पहचान है, यह एक भावना है, जो हमें एकजुट करती है ।

अयोध्या श्रीराम मंदिर पर फहराया गया भगवा ध्वज 500 वर्षों के संघर्ष का विजय ध्वज है । अब भारत के हर हिन्दू के मन में इसे फहराकर हिन्दुओं को संगठित करने के उद्देश्य से श्री रामनवमी के शुभ अवसर पर बाबा विश्वनाथ कि नगरी वाराणसी मे हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा भव्य हिन्दू एकता शोभायात्रा के समापन में हिन्दू जनजागृति समिति के धर्म प्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबालजी ने कहा कि हिन्दू धर्म वसुधैव कुटुंबकम की सीख देता है। ऐसे धर्म को संविधान द्वारा आधिकारिक संरक्षण मिलने के लिए भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करना आवश्यक है । यह मांग विश्वकल्याण और हिन्दू संस्कृति को जीवित रखने के लिए है । राम सेतु के निर्माण के लिए जिस तरह गिलहरी ने योगदान दिया उसी प्रकार सभी राम भक्त प्रतिदिन श्री राम जय राम जय जय राम का नाम जप करें एवं राष्ट्र तथा धर्म कार्य हेतु न्यूनतम एक घंटा समय दें |

उन्होंने कहा कि हिन्दू राष्ट्र हमारी पहचान है । हिन्दू राष्ट्र कोई भौगोलिक सीमा को दर्शाने वाली संकीर्ण सोच या अवधारणा नहीं है । यह एक भावना है जो हमें एकजुट करती है । इसमें इस देश के लोगों की संस्कृति , सभ्यता , परंपरा , इतिहास , धर्म,  साहित्य , कला और राजनीति सम्मिलित है। हिन्दू राष्ट्र केवल एक धार्मिक या राजनीतिक अवधारणा नहीं है। यह एक आदर्श सामाजिक.धार्मिक.आर्थिक व्यवस्था है। सत्यनिष्ठा , योग्यता तथा न्याय हिन्दू राष्ट्र की पहचान हैं । यह वह हिन्दू राष्ट्र है , जिसकी हम कल्पना करते हैं। हम आपको हिन्दू राष्ट्र स्थापित करने की इस यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करते हैं , जहां न केवल हिंदुओं के लिए , अपितु संपूर्ण मानवजाति के लिए शांति और समृद्धि होगी।

धर्म प्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबालजी ने कहा कि सदियों से राष्ट्र और धर्म बाहरी  और आंतरिक अधार्मिक ताकतों के निरंतर आक्रमणों के अधीन रहे हैं । ये आक्रमण उस राष्ट्र के धार्मिक.बौद्धिक. सांस्कृतिक.आर्थिक दिवालियापन में प्रकट हुए हैं , जो कभी विश्व गुरु था। अनादि काल से पालन किए जाने वाले धार्मिक सिद्धांतों के कारण इस राष्ट्र की लौकिक और आध्यात्मिक प्रतिष्ठा अद्वितीय है। किंतु अपने धार्मिक मूल्यों से स्वयं को अलग करने के कारण आज हमारी स्थिति दयनीय हो चुकी है। इस कारण हमें इस प्रकार की धार्मिक ताकतों का सामना करने के लिए आवश्यक आध्यात्मिक और शारीरिक शक्ति से वंचित कर दिया है ।

हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए हिंदुओं का जाति, पंथ और भाषा से ऊपर उठकर संगठित होना और राष्ट्रवादी चेतना के साथ सनातन संस्कृति की रक्षा करना आवश्यक माना जा रहा है। इसके लिए स्थान-स्थान पर हिंदू सम्मेलनों में भागीदारी, युवा शक्ति का सशक्तिकरण और राष्ट्र-निर्माण में सेवा कार्यों के माध्यम से एकता को मजबूत करने का आह्वान किया जा रहा है।

शोभायात्रा का आरंभ धर्मध्वज का पूजन कर शंखनाद से हुआ । यात्रा में सहभागी सभी निरंतर श्री राम नाम जप कर रहे थे । यात्रा के समय ” एक ही नारा एक ही नाम “ जय श्रीराम जय श्रीराम, पवनसुत हनुमान की जय , ऐसी घोषणाओं से काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट क्रमांक 4 वातावरण भक्तिमय हो गया ।  इस शोभायात्रा में अनेक हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी , अधिवक्ता , व्यापार मंडल के प्रतिनिधि तथा अनेक श्रीराम भक्त सम्मिलित हुए । यात्रा के अंत में सभी संत एवं हिंदू संगठनों द्वारा विश्व कल्याण हेतु भारत में रामराज्य ;(हिन्दू राष्ट्र ) की स्थापना हो , ऐसी प्रभु श्री राम के चरणों में सामूहिक प्रार्थना कर रामराज्य के लिए कार्य करने का संकल्प लिया गया|

इस शोभायात्रा में अनेक हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी, अधिवक्ता ,तथा अनेक श्रीराम भक्त समेत ,व्यापार मण्डल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा , महामंत्री रविन्द्र जायसवाल , अन्नपूर्णा उद्योग समूह के रवि झुनझुनवाला , गुजराती समाज के अध्यक्ष  अनिल भाई शास्त्री , अखिल भारतीय मानस प्रचार समिति के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह , टाउन हॉल व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुजीत शर्मा,  शीतला माता मंदिर के महंत अभिषेक पांडे , जालान परिवार के निधि जालान, अखिल भारतीय सनातन न्यास के डॉक्टर अजय जायसवाल , स्वर्णकार समाज संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सोनी सहित तमाम संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित थे |

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