प्राचीन अलोप शंकरी मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) देश भर में गुरुवार से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो गई है ऐसे में संगम नगरी प्रयागराज के विभिन्न देवी मंदिरों तथा शक्तिपीठों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब  के साथ मंदिरों मे जयकारे गूँजते रहे| सुबह से ही मंदिरों में भारी भीड़ देखी गई और भक्त देवी गौरी के विभिन्न रूपों की पूजा करते नजर आए।

चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही पूरे जनपद में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिला। मंदिरों में दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह तड़के से ही महिलाएं, पुरुष और बच्चे पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे।श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।

प्रयागराज के अलोपीबाग में स्थित अलोपी देवी मंदिर (अलोप शंकरी शक्तिपीठ) माता सती के 51 शक्तिपीठों में से एक अत्यंत अनूठा और ऐतिहासिक सिद्धपीठ है। पौराणिक कथाओं के अनुसार यहां माता सती के दाहिने हाथ का पंजा अंगूठा गिरा था, जो अदृश्य (अलोप) हो गया था। इसी कारण यहाँ किसी मूर्ति की नहीं, बल्कि एक दिव्य झूले (डोली पालने ) की पूजा की जाती है , जो इस अद्भुत अलोप होने की घटना का प्रतीक है।

मंदिर के महंत यमुना पूरी ने बताया कि प्राचीन अलोप शंकरी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन पूजन करने के लिए पहुंच रहे हैं ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किया गया है|  यह माना जाता है कि भगवान शिव जब सती के मृत शरीर को लेकर घूम रहे थे , तब विष्णु जी ने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर के टुकड़े किए। इस स्थान पर उनका हाथ जमीन में समा गया था, इसलिए यहां मां की कोई मूर्ति स्थापित नहीं है।

उन्होंने बताया कि  मंदिर के गर्भगृह में एक चांदी का चबूतरा है, जिसके नीचे एक कुंड है और ऊपर एक पालना (झूला) लटका हुआ है। भक्त इस पालने की ही पूजा.अर्चना करते हैं। उन्होंने बताया कि इस मंदिर का संबंध मराठा शासकों से भी है। 18वीं शताब्दी में मराठा योद्धा श्रीनाथ महादजी शिंदे ने इस क्षेत्र का विकास किया था। बाद में 19वीं सदी में महारानी बैजाबाई सिंधिया ने मंदिर का जीर्णोद्धार और विकास करवाया था।

उन्होंने बताया कि अलोप का अर्थ है गायब हो जाना, और चूंकि माता सती का अंग यहाँ अदृश्य हुआ था, इसलिए इस स्थान का नाम अलोप शंकरी या अलोपी देवी पड़ा।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपा अध्यक्ष को लगता है कि मुसलमान उनकी जेब में हैं: मायावती

हार-जीत से बड़ा है सक्षम बनना

24 जुलाई 2026 को चंद्रमा दिखाई देगा अन्टारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र के योगतारा) के पास