भाजपा का एक ही विचार हम जियेंगे और मरेंगे भी मातृभूमि के लिए: गणेश केसरवानी
प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) हम जिएंगे तो देश के लिए, मरेंगे तो देश के लिए और कुछ भी योगदान देंगे तो राष्ट्र हमारे लिए प्रथम होगा| यह भारतीय जनता पार्टी (भा ज पा ) के वैचारिक आधार का हिस्सा है|
पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण अभियान 2026 के अंतर्गत भाजपा प्रीतम नगर मंडल की कार्यशाला में महापौर गणेश केसरवानी ने कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए कहा कि ये अर्पण की भूमि है , ये तर्पण की भूमि है। इसकी नदी-नदी हमारे लिया गंगा है, इसका कण -कण हमारे लिए शंकर है। हम जियेंगे तो इसके लिए और मरेंगे तो इसके लिए | उन्होंने कहा कि देश का उत्थान तभी संभव है जब हम सब एकजुट होकर “राष्ट्र प्रथम” के मंत्र को आत्मसात करें।
महापौर ने कहा कि हम जियेंगे और मरेंगे भी मातृभूमि के लिए" जो भाजपा के वैचारिक आधार का हिस्सा है। यह राष्ट्रभक्ति, देश को सर्वोच्च रखने और "भारत माता की जय" के संकल्प को दर्शाता है| उन्होंने कहा कि भाजपा की वैचारिक अधिष्ठान भाजपा कार्यकर्ताओं को राष्ट्र के प्रति समर्पित हो कर कार्य करने की ऊर्जा प्रदान करता है |
उन्होंने कहा कि भाजपा का विचार राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करना और गौरव बढाना है जिसके लिए आज करोड़ों कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम की भावना से कार्य कर रहा है| उन्होंने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने भाजपा के विचारों को करोड़ों कार्यकर्ताओं और देशवासियों तक पहुंचाने के लिए कहा था कि, “भारत कोई जमीन का टुकड़ा नहीं एक जीता जागता राष्ट्रपुरुष है” हम जिएंगे भी और मरेंगे भी मातृभूमि के लिए| उनके यह शब्द भाजपा के वैचारिक अनुष्ठान का मंत्र है जो राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत करने का संदेश देता है |
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष दिग्विजय सिंह , पूर्व क्षेत्रीय महामंत्री संतोष पटेल एवं भाजपा नेता ज्ञानेश्वर शुक्ला , प्रेमनारायण केसरवानी , राजेश केसरवानी , पार्षद दीपिका पटेल , सुनील केसरवानी एवं मंडल के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे|
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