पत्रकारिता के सामने विश्वसनीयता का सबसे बड़ा संकट: रणविजय सिंह
गोरखपुर, 15 मार्च (वार्ता) वरिष्ठ साहित्यकार एवं पूर्व प्रशासनिक अधिकारी रणविजय सिंह ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद पत्रकारिता के सामने सबसे बड़ा संकट विश्वसनीयता का आया है। पत्रकारिता का संगठित स्वरूप कमजोर हुआ और बाद के समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव ने इस चुनौती को और बढ़ा दिया।
उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद पत्रकारिता में रोजगार के अवसर भी कम हो गए हैं। कई मीडिया संस्थान बंद हो गए, इसलिए समय के साथ पत्रकारों को स्वयं में बदलाव लाना होगा।
उत्तर प्रदेश राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने कहा कि समाज का हर वर्ग पत्रकार से सच्चाई और जानकारी की अपेक्षा करता है, लेकिन उसकी समस्याओं को कोई नहीं समझता। कोरोना काल में अनेक पत्रकारों की मृत्यु हुई, कई अखबार बंद हो गए और रोजगार के अवसर कम हो गए।

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